बिहार में ठंड के मौसम के साथ ही सड़क हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। घने कोहरे और तेज रफ्तार के कारण एक बार फिर बड़ा हादसा सामने आया है। ताजा मामला बख्तियारपुर–मोकामा फोरलेन से जुड़ा है, जहां शुक्रवार तड़के करीब आठ बजे पांच वाहनों की भीषण टक्कर हो गई। इस दर्दनाक हादसे में कुल सात लोग घायल हो गए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
यह हादसा मोकामा थाना क्षेत्र के मोर गांव के पास हुआ। सुबह के समय घना कोहरा छाया हुआ था, जिससे सड़क पर विजिबिलिटी बेहद कम थी। इसी दौरान फोरलेन पर अचानक आगे चल रहे वाहन के ब्रेक लगाने से पीछे से आ रहे वाहन संतुलन नहीं बना सके और एक के बाद एक आपस में टकराते चले गए। देखते ही देखते यह टक्कर पांच वाहनों तक पहुंच गई।
हादसे की चपेट में एक इनोवा कार, एक ट्रक-ट्रॉली, दो मोटरसाइकिल और एक यात्री बस आ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि सड़क पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घायलों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य में जुट गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी।
इस हादसे में यात्री बस के चालक और एक बाइक सवार को गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। वहीं बस में सवार पांच अन्य यात्रियों को हल्की चोटें आई हैं। बस पटना से बेगूसराय की ओर जा रही थी और उसमें कई यात्री सवार थे। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानमाल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ, वरना स्थिति और भी भयावह हो सकती थी।
सूचना मिलते ही मोकामा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात बहाल कराया और सभी वाहनों को जब्त कर लिया है। साथ ही हादसे के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में घना कोहरा और तेज रफ्तार ही हादसे की मुख्य वजह प्रतीत हो रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि ठंड के मौसम में कोहरे के बीच लापरवाही और तेज गति जानलेवा साबित हो सकती है। पुलिस ने वाहन चालकों से अपील की है कि कोहरे के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं, फॉग लाइट का उपयोग करें और सुरक्षित दूरी बनाए रखें, ताकि इस तरह की दुर्घटनाओं से बचा जा सके।















