बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले मौसम ने बड़ा मोड़ ले लिया। एक नवंबर को पूरे प्रदेश में बादलों ने डेरा जमा रखा था और कई इलाकों में बारिश से चुनावी गतिविधियाँ बाधित होने लगी थीं। नेताओं को ले जा रही हेलिकॉप्टर सेवाओं पर भी इसका बड़ा असर दिखा।
तेज प्रताप की रैली पर मौसम का असर
महुआ में आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव की रैली आयोजित की गई थी। हेलिपैड पर लोगों की भीड़ जमा थी और सभी की निगाहें आसमान की ओर थीं। लेकिन मौसम ने साथ नहीं दिया—आसमान में काले बादल छाए हुए थे, जिससे उनके हेलिकॉप्टर की उड़ान असंभव हो गई।
तेज प्रताप की पीआर टीम ने घोषणा की कि प्रतिकूल मौसम की वजह से वह महुआ नहीं आ सकेंगे। इससे भीड़ निराश दिखी।
उसी समय महुआ में नीतीश कुमार की जनसभा
जब तेज प्रताप की रैली रद्द हो गई, उसी समय महुआ में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की रैली चल रही थी।
नीतीश हेलिकॉप्टर का इंतज़ार करने की बजाय सड़क मार्ग से महुआ पहुँचे। मंच पर पहुंचकर उन्होंने बहुत लंबा भाषण नहीं दिया, लेकिन एलजेपी (रामविलास) के प्रत्याशी संजय सिंह के लिए जोरदार प्रचार किया।
नीतीश ने संजय सिंह को आगे कर कहा—“इन्हें वोट करेंगे न? माला पहना दें?” भीड़ ने सहमति जताई और नीतीश ने उन्हें माला पहना दी।
74 वर्ष की उम्र के बावजूद नीतीश कुमार ने मौसम की बाधाओं को चुनाव प्रचार में आड़े नहीं आने दिया।
तेजस्वी यादव को भी रद्द करनी पड़ी कई रैलियां
तेज प्रताप ही नहीं, तेजस्वी यादव को भी खराब मौसम की वजह से कई रैलियां रद्द करनी पड़ीं।
2020 के चुनाव में तेजस्वी ने 200 से अधिक जनसभाएँ की थीं, लेकिन इस बार संख्या 100 से भी कम रही।
इस चुनाव में मौसम ने विपक्षी गठबंधन के प्रचार को काफी धीमा किया।
चुनावी नतीजों में भी दिखा असर
मतगणना के शुरुआती रुझानों में तेजस्वी यादव अपनी सीट राघोपुर में आगे-पीछे होते दिखे। हालांकि अंततः उन्होंने 14,532 मतों से जीत दर्ज की।
दूसरी ओर, महुआ में तेज प्रताप यादव तीसरे स्थान पर चले गए, जो आरजेडी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

















