पटना: बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने सोमवार को बिहार विधान परिषद (एमएलसी) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनका त्यागपत्र औपचारिक रूप से विधान परिषद के सभापति को सौंपा जाएगा। इस कदम के साथ ही राज्य की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, जेडीयू नेता संजय गांधी, संजय श्रॉफ और मंत्री Vijay Kumar Chaudhary मुख्यमंत्री का इस्तीफा लेकर विधान परिषद पहुंचे हैं। फिलहाल सभापति के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद विधिवत प्रक्रिया पूरी करते हुए इस्तीफा स्वीकार किया जाएगा।
इस दौरान विजय चौधरी ने कहा कि यह पूरी तरह से संवैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है और नियमों के तहत इसे पूरा किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के इस्तीफे को लेकर किसी तरह का भ्रम नहीं होना चाहिए।
दरअसल, नीतीश कुमार हाल ही में राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं। संविधान के प्रावधानों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति एक समय में संसद और राज्य विधानमंडल दोनों का सदस्य नहीं रह सकता। ऐसे में उन्हें विधान परिषद की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य था।
नीतीश कुमार के इस कदम को संवैधानिक औपचारिकता के तौर पर देखा जा रहा है, लेकिन इसके साथ ही राज्य की राजनीति में आगे होने वाले संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं भी तेज हो गई हैं। आने वाले दिनों में बिहार की सियासत किस दिशा में जाएगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।












