बिहार की राजनीति में इन दिनों आस्था और सियासत का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। सम्राट चौधरी एक बार फिर धार्मिक दौरे पर निकल रहे हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री आज दोपहर 3:00 बजे पटना से देवघर के लिए रवाना होंगे, जहां वे विश्वप्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे।
मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे जनता के बीच आस्था और भरोसे का संदेश देने की एक रणनीतिक पहल के रूप में भी देखा जा रहा है। हाल के दिनों में उनके लगातार धार्मिक कार्यक्रमों ने सियासी गलियारों में नई चर्चा को जन्म दिया है।
इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री सपरिवार बाबा हरिहर नाथ मंदिर पहुंचे थे, जहां उन्होंने पूरे विधि-विधान से पूजा की। करीब 20 मिनट तक वे गर्भगृह में मौजूद रहे और राज्य में शांति, समृद्धि और विकास के लिए प्रार्थना की। उनके आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा—मंदिर परिसर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था, गार्ड ऑफ ऑनर और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
मुख्यमंत्री बनने के बाद से सम्राट चौधरी का धार्मिक दौरों का सिलसिला लगातार जारी है। 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण से पहले उन्होंने राजवंशी नगर हनुमान मंदिर में पूजा कर नई जिम्मेदारी की शुरुआत की थी। इसके अगले दिन 16 अप्रैल को वे तख्त श्री हरिमंदिर जी पटना साहिब पहुंचे और मत्था टेककर सभी धर्मों के प्रति अपनी आस्था जताई।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सम्राट चौधरी की यह “आस्था यात्रा” केवल व्यक्तिगत श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि एक व्यापक राजनीतिक संदेश भी दे रही है—जहां धार्मिक जुड़ाव के जरिए जनता से सीधा संवाद स्थापित करने की कोशिश हो रही है।















