Bihar Politics: खगड़िया में कांग्रेस के भीतर असंतोष खुलकर सामने आ गया है। जिले के केएन क्लब में 21 अप्रैल को आयोजित होने जा रहे ‘कांग्रेस बचाओ सम्मेलन’ को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व पर तीखे सवाल उठाए हैं।
सोमवार को खगड़िया परिसदन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार कांग्रेस के नेता और एआईसीसी सदस्य आनंद माधव ने कहा कि यह सम्मेलन ‘बिहार कांग्रेस बचाओ अभियान’ के तहत बुलाया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य में कमजोर होती पार्टी को फिर से खड़ा करना है।
आनंद माधव ने प्रदेश नेतृत्व पर सीधे निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान हालात में बिहार में कांग्रेस की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। उनके मुताबिक, संगठन की जमीनी पकड़ लगभग खत्म हो चुकी है और कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है। उन्होंने यह भी कहा कि हाल में चलाया गया ‘सृजन साथी जनसंपर्क अभियान’ अपेक्षित प्रभाव नहीं छोड़ पाया और इसे लेकर भी कार्यकर्ताओं में सवाल हैं।
उन्होंने पार्टी के प्रभारी कृष्णा अल्लावरू और प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम पर संगठन को मजबूत करने में विफल रहने का आरोप लगाया। साथ ही उन्होंने यह भी याद दिलाया कि पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा के कार्यकाल में डिजिटल सदस्यता अभियान के जरिए बड़ी संख्या में लोगों को जोड़ा गया था।
आनंद माधव ने संगठनात्मक नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि जिला अध्यक्ष बनने के लिए डिजिटल सदस्यता को आधार बनाया गया था, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि इस मानक का पालन कितनी जगहों पर हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जिलों में ऐसे लोगों को जिम्मेदारी दी गई है, जिनका चुनावी प्रदर्शन कमजोर रहा है, जबकि लंबे समय से मेहनत कर रहे कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईसीसी सदस्य जमाल अहमद भल्लू, वरिष्ठ नेता नागेंद्र पासवान विकल और पूर्व सचिव इम्तियाज अहमद सहित कई नेता मौजूद रहे।
कुल मिलाकर, खगड़िया में प्रस्तावित यह सम्मेलन बिहार कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान और असंतोष को खुलकर सामने ला रहा है। अब देखना होगा कि पार्टी नेतृत्व इन आरोपों और नाराजगी को कैसे संभालता है।




















