बिहार में होने वाले आगामी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है, जो जून महीने से लागू होगी। इस बार की प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया गया है, जिसका सीधा फायदा युवाओं को मिलेगा।
17 साल के युवाओं को मिलेगा मौका
इस बार आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने के लिए 17 वर्ष की आयु पूरी कर चुके युवक-युवतियों को भी अग्रिम आवेदन की सुविधा दी है। यानी जो युवा अभी 18 साल के नहीं हुए हैं, वे पहले से आवेदन कर सकते हैं। जैसे ही वे 18 वर्ष की आयु पूरी करेंगे, उनका नाम स्वतः मतदाता सूची में शामिल कर लिया जाएगा। इससे पहली बार मतदान करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।
किसे करना होगा आवेदन
निर्वाचन अधिकारियों के अनुसार, जिन लोगों का नाम पहले से विधानसभा की मतदाता सूची में दर्ज है, उन्हें अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। उनका नाम पंचायत मतदाता सूची में स्वतः शामिल हो जाएगा।
हालांकि, जिनका नाम अभी तक किसी भी मतदाता सूची में दर्ज नहीं है, उन्हें आवेदन करना अनिवार्य होगा।
ऑनलाइन भी कर सकते हैं आवेदन
मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इसके लिए आवेदक भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
इन फॉर्म्स का करें इस्तेमाल
- फॉर्म-6: नया नाम जोड़ने के लिए
- फॉर्म-7: नाम हटाने के लिए
- फॉर्म-8: नाम, पता या फोटो में सुधार के लिए
- फॉर्म-6A: एनआरआई मतदाताओं के लिए
दस्तावेज देना जरूरी
मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए आवश्यक दस्तावेज जमा करना अनिवार्य होगा। यदि आवेदक का जन्म 2004 के बाद हुआ है, तो उसे अपना जन्म प्रमाणपत्र देना होगा। इसके साथ ही माता-पिता के जन्म से जुड़े दस्तावेज भी देने होंगे।
यदि माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक नहीं है, तो उस स्थिति में उनके पासपोर्ट और वीजा की प्रति भी जमा करनी होगी।
आवेदन की बढ़ती संख्या
अधिकारियों के मुताबिक, शहरी क्षेत्रों में हर दिन औसतन 50 आवेदन आ रहे हैं, जबकि ग्रामीण इलाकों में करीब 25 आवेदन प्रतिदिन मिल रहे हैं। यह संकेत है कि लोग अपने मताधिकार को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं।
क्या है उद्देश्य
इस पूरी प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है, ताकि चुनाव पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराए जा सकें। साथ ही युवाओं की भागीदारी बढ़ाकर लोकतंत्र को और मजबूत बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।














