बिहार सरकार के Bihar Home Department ने राज्य के विभिन्न पुलिस विंग और सैन्य पुलिस इकाइयों के उन अधिकारियों एवं कर्मियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, जिन्होंने अब तक अपनी चल-अचल संपत्ति और देनदारियों का विवरण जमा नहीं किया है।
विभाग ने इस संबंध में एक स्मारक पत्र जारी कर सभी संबंधित इकाइयों से तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। यह आदेश गृह विभाग के संयुक्त सचिव Naveen Chandra द्वारा जारी किया गया है।
31 दिसंबर 2025 तक देना था संपत्ति का विवरण
जारी पत्र के अनुसार, सभी पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को 31 दिसंबर 2025 की स्थिति के आधार पर अपनी चल-अचल संपत्ति और देनदारियों का पूरा विवरण जमा करना अनिवार्य था।
हालांकि General Administration Department Bihar और गृह विभाग की ओर से पहले भी कई बार पत्र जारी किए जाने के बावजूद, कई कार्यालयों द्वारा अब तक यह प्रतिवेदन जमा नहीं किया गया है।
इन प्रमुख पुलिस इकाइयों से मांगी गई रिपोर्ट
सरकार ने इस मामले में नौ प्रमुख पुलिस इकाइयों और निदेशालयों को चिन्हित किया है, जिनसे तत्काल रिपोर्ट मांगी गई है। इनमें शामिल हैं—
- महानिरीक्षक, Economic Offences Unit Bihar
- सहायक महानिरीक्षक (बिहार सैन्य पुलिस और रेलवे)
- Bihar Police Academy के सहायक निदेशक (स्थापना)
- पुलिस अधीक्षक (वायरलेस)
- सैनिक कल्याण निदेशालय
- विशेष शाखा
- बिहार सैन्य पुलिस बटालियन 05 और 14 के पुलिस उपाधीक्षक
हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में देनी होगी जानकारी
गृह विभाग ने संबंधित कार्यालयों के निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीन कार्यरत सभी कर्मियों की संपत्ति और दायित्वों की विवरणी हार्ड कॉपी और सॉफ्ट कॉपी दोनों रूपों में तुरंत उपलब्ध कराएं।
इस आदेश की प्रति गृह विभाग के आईटी प्रबंधक को भी भेजी गई है, ताकि इस सूचना को विभागीय वेबसाइट पर अपलोड कर पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।




















