बिहार में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सियासत की गलियों में अब वोटरों की गिनती और वोट बैंक की बिसात बिछने लगी है। प्रशासनिक स्तर पर भी चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं।
दरअसल, Bihar State Election Commission ने राज्य के पांच नगर निकाय क्षेत्रों में आम चुनाव और 26 वार्डों में उपचुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार को मतदाता सूची संबंधित जिलों को भेज दी गई है, ताकि विधानसभावार मतदाता सूची के आधार पर वार्डवार मतदाता सूची तैयार की जा सके।
इन नगर निकायों में होंगे आम चुनाव
आयोग के मुताबिक जिन नगर निकायों में आम चुनाव कराए जाने हैं, उनमें
- Phulwari Sharif नगर परिषद
- Danapur Nizamat नगर परिषद
- Khagaul नगर परिषद
- Maharajganj नगर पंचायत
- Sonepur नगर पंचायत
- Madanpur नगर पंचायत
- Jamhor नगर पंचायत
- Madhuban नगर पंचायत
शामिल हैं।
इन निकायों के वार्डों में होंगे उपचुनाव
वहीं दूसरी ओर
- Naubatpur नगर पंचायत
- Dumraon नगर परिषद
- Raxaul नगर परिषद
- Biraul नगर पंचायत
- Alauli नगर पंचायत
समेत कुल 26 नगर निकायों के विभिन्न वार्डों में उपचुनाव कराए जाएंगे।
प्रशासन को दिए गए सख्त निर्देश
राज्य निर्वाचन आयोग ने इस संबंध में सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिलाधिकारी उपसमाहर्ता स्तर के किसी अधिकारी को जिला उपनिर्वाचन पदाधिकारी (नगर निकाय) के रूप में नामित करें। यही अधिकारी मतदाता सूची के विखंडन की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे और दावा-आपत्ति की सुनवाई भी करेंगे।
मतदाता सूची को लेकर तय हुआ कार्यक्रम
आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार
- 21 मार्च तक मतदाता सूची का विखंडन पूरा कर लिया जाएगा।
- 15 अप्रैल को मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन होगा।
- 13 मई को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
फर्जी नामों की शिकायत पर सख्ती
इधर आयोग के पास कई नगर निकाय क्षेत्रों से शिकायतें भी पहुंची हैं। आरोप है कि कुछ ऐसे लोगों के नाम भी मतदाता सूची में जोड़ दिए गए हैं, जो संबंधित क्षेत्र में 189 दिनों से कम समय से रह रहे हैं।
इस पर आयोग ने स्पष्ट किया है कि दावा-आपत्ति की प्रक्रिया के दौरान हर शिकायत की बारीकी से जांच की जाएगी। यदि कोई नाम नियमों के खिलाफ पाया जाता है तो उसे मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
अब चुनाव तारीखों के ऐलान का इंतजार
फिलहाल सभी की नजर अब आयोग के अगले ऐलान पर टिकी है। अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद ही मतदान की तारीखों की घोषणा की जाएगी। इसके साथ ही राज्य में नगर निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी और तेज हो जाएगी।

















