बिहार के लाखों बिजली उपभोक्ताओं के लिए 1 अप्रैल से एक बड़ा बदलाव लागू होने जा रहा है। राज्य में लगे करीब 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं पर अब ‘टाइम ऑफ डे टैरिफ’ (Time of Day Tariff) लागू किया जाएगा।
इस नई व्यवस्था के तहत अब बिजली की दरें पूरे दिन एक समान नहीं रहेंगी, बल्कि समय के अनुसार बदलेंगी। यानी कब आप बिजली का उपयोग करते हैं, उसी आधार पर आपको भुगतान करना होगा।
कब सस्ती और कब महंगी होगी बिजली?
- सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक (ऑफ-पीक समय)
इस दौरान बिजली सस्ती रहेगी।
100 रुपये की खपत पर लगभग 80 रुपये ही देने होंगे। शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक (पीक आवर्स)
यही समय सबसे महंगा होगा।
उपभोक्ताओं को सामान्य दर से 110% तक भुगतान करना पड़ सकता है। रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक दरें सामान्य रहेंगी।
क्यों लागू किया गया ये नियम?
सरकार के अनुसार, शाम के समय बिजली की मांग अचानक बढ़ जाती है।
- सामान्य खपत: करीब 4000 मेगावाट
- पीक समय में: 7000 मेगावाट तक
इस बढ़ते दबाव को कम करने और बिजली आपूर्ति को संतुलित रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
उपभोक्ताओं के लिए क्या बदलेगा?
अब स्मार्ट मीटर सिर्फ खपत नहीं मापेगा, बल्कि यह तय करेगा कि:
- आपने किस समय बिजली का उपयोग किया
- उसी के हिसाब से आपका बैलेंस कटेगा
अगर पीक समय में ज्यादा बिजली इस्तेमाल की, तो बैलेंस तेजी से खत्म हो सकता है।
क्या रखें ध्यान?
- भारी उपकरण (AC, गीजर, वॉशिंग मशीन) दिन में चलाने की कोशिश करें
- शाम 5 से 11 बजे के बीच बिजली का उपयोग सीमित रखें
- समय के अनुसार खपत मैनेज करना अब जरूरी हो गया है
निष्कर्ष
‘टाइम ऑफ डे टैरिफ’ व्यवस्था उपभोक्ताओं के लिए चुनौती और अवसर दोनों है। अगर आप समय के अनुसार बिजली उपयोग को नियंत्रित करते हैं, तो बिल में बचत संभव है। लेकिन लापरवाही होने पर खर्च बढ़ना तय है।
















