नई दिल्ली/पटना। चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस दौरान अष्टमी और नवमी तिथि का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इन दोनों दिनों कन्या पूजन (कंजक पूजन) किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि कन्या पूजन करने से व्रत का पूर्ण फल प्राप्त होता है और मां दुर्गा की विशेष कृपा मिलती है।
इस साल चैत्र नवरात्रि में अष्टमी 26 मार्च 2026 और नवमी 27 मार्च 2026 को पड़ रही है। ऐसे में आइए जानते हैं दोनों दिनों का शुभ मुहूर्त और पूजा का सही समय।
अष्टमी कब है? (Ashtami Kab Hai March 2026 Mein)
- तिथि: 26 मार्च 2026 (गुरुवार)
- अष्टमी तिथि प्रारंभ: सुबह (लगभग)
- अष्टमी तिथि समाप्त: अगले दिन तक
कन्या पूजन का शुभ समय:
सुबह से लेकर दोपहर तक का समय सबसे उत्तम माना गया है, विशेषकर सुबह 7 बजे से 11:30 बजे के बीच पूजन करना शुभ रहेगा।
नवमी कब है? (Navami Kab Hai 2026)
- तिथि: 27 मार्च 2026 (शुक्रवार)
कन्या पूजन का शुभ समय:
सुबह का समय सबसे अच्छा माना गया है, खासकर सुबह 7 बजे से 11 बजे तक पूजा करने से विशेष फल मिलता है।
कन्या पूजन का महत्व
हिंदू धर्म में छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप माना जाता है।
अष्टमी और नवमी के दिन 9 कन्याओं और 1 बालक (लांगूर) का पूजन किया जाता है।
मान्यता है कि—
- कन्या पूजन से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं
- घर में सुख-समृद्धि आती है
- नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है
कन्या पूजन विधि (सरल तरीके से)
- कन्याओं को आदरपूर्वक घर बुलाएं
- उनके पैर धोकर आसन पर बैठाएं
- माथे पर तिलक लगाएं
- हलवा, पूड़ी और चने का भोग खिलाएं
- दक्षिणा और उपहार देकर आशीर्वाद लें
ध्यान रखने वाली बातें
- पूजन हमेशा साफ-सफाई और श्रद्धा के साथ करें
- कन्याओं का अपमान न करें
- भोजन शुद्ध और सात्विक होना चाहिए
चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी पर कन्या पूजन का विशेष महत्व है। सही मुहूर्त में पूजा करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-समृद्धि का वास होता है।














