नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बयानबाज़ी तेज हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के भीतर कई महत्वपूर्ण ठिकानों को सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया है।
ट्रंप ने अमेरिकी सेना की तारीफ करते हुए कहा कि “हमारी सेना, जो दुनिया की सबसे बेहतरीन और खतरनाक सेना है, उसने लंबे समय से खोजे जा रहे कई टार्गेट्स को नष्ट कर दिया है।” उन्होंने इसे ईरान के लिए “बहुत बड़ा दिन” बताया।
दरअसल, ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्होंने हाल ही में दावा किया था कि ईरान में सत्ता परिवर्तन हो चुका है। एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा, “हम ऐसे लोगों से निपट रहे हैं, जिनसे पहले कभी कोई नहीं निपटा। मैं इसे सत्ता परिवर्तन मानता हूं।”
हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि हालात पूरी तरह टकराव की ओर नहीं बढ़े हैं। एक सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ जल्द ही कोई समझौता हो सकता है।
उधर, ईरान की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाया है।
सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA के मुताबिक, गालिबफ ने कहा कि “अमेरिका एक तरफ बातचीत और कूटनीति की बात करता है, जबकि दूसरी तरफ गुपचुप तरीके से जमीनी हमले की योजना बनाता है।”
उन्होंने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के लोग अमेरिकी सैनिकों के आने का इंतजार कर रहे हैं और किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस तनाव के बीच अब दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। अगर हालात नहीं संभले, तो यह टकराव बड़े संघर्ष का रूप ले सकता है।
















