मेदनी चौकी (लखीसराय)।
सूर्यगढ़ा प्रखंड अंतर्गत मेदनी चौकी क्षेत्र के उच्च माध्यमिक विद्यालय अमरपुर की शिक्षिका आशना सिन्हा ने लखीसराय जिले को राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उनका चयन 77वें गणतंत्र दिवस परेड 2026 में कथक नृत्य की प्रस्तुति के लिए किया गया है। आगामी 26 जनवरी 2026 को वे नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य राष्ट्रीय समारोह में अपनी कला का प्रदर्शन करेंगी।
यह प्रतिष्ठित सांस्कृतिक प्रस्तुति भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है, जिसमें देश की प्रमुख शास्त्रीय और लोक नृत्य परंपराओं को एक मोजेक के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इस आयोजन के लिए संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली और उत्तर क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र, पटियाला को नोडल एजेंसी बनाया गया है।
चयन के बाद आशना सिन्हा ने 13 जनवरी को दिल्ली में रिपोर्ट किया, जहां वे 13 से 26 जनवरी तक चलने वाले गहन अभ्यास और रिहर्सल कार्यक्रम में भाग ले रही हैं। कड़ी चयन प्रक्रिया और लगातार अभ्यास के बाद उन्हें यह अवसर प्राप्त हुआ है, जिसे किसी भी कलाकार के लिए बेहद सम्मानजनक माना जाता है।
आशना सिन्हा के चयन की खबर मिलते ही विद्यालय परिसर सहित पूरे मेदनी चौकी और सूर्यगढ़ा क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। शिक्षकों, छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी जाहिर की। स्थानीय ग्रामीणों, कला प्रेमियों और बुद्धिजीवियों ने इसे लखीसराय जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया और कहा कि इससे जिले की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच पर नई ऊंचाई मिलेगी।
घोसैठ (पीरीबाजार) निवासी आशना सिन्हा को बचपन से ही कथक नृत्य में गहरी रुचि रही है। उनके पिता वीरेंद्र कुमार सिन्हा और माता राधा रानी सिन्हा के सहयोग, वर्षों की कठिन साधना, निरंतर अभ्यास और मंचीय अनुभव ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है। उनकी बहन निशु सिन्हा सहित पूरे परिवार ने इस उपलब्धि पर गर्व और खुशी जताई है।
विद्यालय में आशना सिन्हा केवल एक शिक्षिका ही नहीं, बल्कि शास्त्रीय नृत्य की प्रशिक्षक के रूप में भी छात्रों का मार्गदर्शन कर रही हैं। वे विद्यार्थियों को नृत्य की तकनीकी बारीकियों के साथ-साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और नैतिक मूल्यों से भी जोड़ने का कार्य कर रही हैं। उनके प्रयासों से कई छात्र-छात्राएं कला के प्रति प्रेरित हुए हैं।
उनकी इस उपलब्धि पर विधायक रामानंद मंडल, विद्यालय के प्रधानाध्यापक विभास्कर किरण, शिक्षक नमिता भारद्वाज, कुमारी अंजलि, सरस्वती कुमारी, विकास, संगीत शिक्षक नटराज सहित कई शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शुभकामनाएं दी हैं। सभी ने विश्वास जताया कि आशना सिन्हा का प्रदर्शन राष्ट्रीय मंच पर लखीसराय और बिहार की सांस्कृतिक पहचान को और सशक्त करेगा।
गणतंत्र दिवस परेड जैसे प्रतिष्ठित मंच पर कथक नृत्य की प्रस्तुति देना न केवल आशना सिन्हा के लिए, बल्कि पूरे जिले के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों को कला और संस्कृति के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा बनेगी।
















