देशभर में एलपीजी (LPG) की किल्लत की खबरों से आम लोगों से लेकर रेस्टोरेंट कारोबारियों तक चिंता बढ़ गई है। बेंगलुरु, दिल्ली, हैदराबाद और मुंबई जैसे बड़े शहरों में कई रेस्टोरेंट्स को गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके संचालन पर असर पड़ रहा है।
एलपीजी की कमी की खबरों के बीच आम लोग भी परेशान नजर आ रहे हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 11 मार्च को कई जगहों पर लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। हालात ऐसे दिखे मानो सिलेंडर को लेकर लोगों में होड़ मच गई हो।
रेस्टोरेंट मालिकों का कहना है कि यदि सप्लाई जल्द सामान्य नहीं हुई तो कई जगहों पर रेस्टोरेंट अस्थायी रूप से बंद करने की नौबत आ सकती है।
सरकार ने दिया आश्वासन
एलपीजी की किल्लत को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री Hardeep Singh Puri ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनौतियों के बावजूद उद्योगों, खासकर रेस्टोरेंट्स को उनकी गैस जरूरतों का लगभग 70–80 प्रतिशत हिस्सा मिल रहा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार देश के घरों तक सस्ती ऊर्जा पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और घरेलू गैस आपूर्ति स्थिर बनी हुई है।
आयात के नए स्रोत तलाश रहा भारत
मंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को देखते हुए भारत अब एलपीजी और एलएनजी के आयात के लिए नए स्रोतों की तलाश कर रहा है। इससे देश की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार वैकल्पिक स्रोतों से एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति जल्द ही भारत पहुंच सकती है, जिससे बाजार में स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
तेल कंपनियों को उत्पादन बढ़ाने का निर्देश
सरकार ने तेल कंपनियों को कुकिंग गैस का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है। इसके बाद भारतीय रिफाइनरियों ने घरेलू एलपीजी उत्पादन में लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की है, ताकि सप्लाई में किसी तरह की कमी न रहे।














