मोकामा (पटना):
बिहार के मोकामा घाट इलाके के औंटा गांव में बुधवार देर शाम सीआरपीएफ जवानों और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में तनाव का माहौल बन गया है। झड़प में कई ग्रामीण गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, गांव के युवक होली के मौके पर शांतिपूर्वक जश्न मना रहे थे। इसी दौरान करीब 100 की संख्या में सीआरपीएफ जवान वहां पहुंच गए। किसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। आरोप है कि जवानों ने युवकों की पिटाई शुरू कर दी। विरोध करने पर बल प्रयोग और तेज कर दिया गया, जिससे कई युवकों के सिर फूट गए और कुछ के हाथ टूटने की भी बात सामने आ रही है।
घटना की सूचना मिलते ही करीब 20 से 25 महिलाएं सीआरपीएफ कैंप के गेट पर पहुंच गईं और वहां मौजूद अधिकारियों से मिलने की मांग करने लगीं। महिलाओं का कहना था कि दोषी जवानों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हालांकि आरोप है कि कैंप पर तैनात जवानों ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया और विरोध करने पर धक्का-मुक्की व मारपीट की गई।
ग्रामीणों का यह भी दावा है कि महिलाओं के साथ कथित बदसलूकी के बाद जवानों की एक टीम दोबारा औंटा गांव में पहुंची और घरों में घुसकर लोगों के साथ मारपीट की। इस घटना में मंजू देवी, शर्मिला देवी, नीतीश कुमार और लवली कुमारी समेत कई लोग घायल बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद पूरे इलाके में डर और गुस्से का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कंट्रोल रूम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। फिलहाल प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।
हालांकि औंटा गांव में पसरा सन्नाटा इस बात की गवाही दे रहा है कि होली की खुशियां अब तनाव और आशंका में बदल चुकी हैं।
राहुल कुमार की रिपोर्ट















