पटना/मोकामा | रिपोर्ट
बिहार के मोकामा क्षेत्र में शुक्रवार (20 मार्च 2026) की शाम आए तेज आंधी-तूफान और वज्रपात ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। अचानक बदले मौसम के कारण जहां एक ओर लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी ओर रेलवे और बिजली व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हो गई।
वज्रपात से एक दर्जन लोग झुलसे
मोकामा टाल इलाके में आंधी के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आकर करीब एक दर्जन किसान-मजदूर घायल हो गए। सभी मजदूर फसल कटाई कर वापस लौट रहे थे, तभी आकाशीय बिजली गिरने से वे इसकी चपेट में आ गए।
घटना के बाद सभी घायलों को आनन-फानन में मोकामा ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई है।
रेलवे पर असर, कई ट्रेनें घंटों रुकीं
तेज आंधी का असर हावड़ा-पटना रेल रूट पर भी देखने को मिला। मोकामा-पटना रेलखंड के शिवनार के पास रेल विद्युत आपूर्ति लाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे ट्रेनों का परिचालन प्रभावित हो गया।
शाम करीब 7 बजे के बाद से कई ट्रेनें विभिन्न स्टेशनों पर 2 से 3 घंटे तक खड़ी रहीं। प्रभावित ट्रेनों में:
- उपासना एक्सप्रेस (हावड़ा-देहरादून)
- सहरसा-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस
- क्यूल-पटना पैसेंजर
सहित आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें शामिल हैं।
इससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
20 किमी क्षेत्र में बिजली गुल
आंधी के कारण मोकामा और हाथीदह विद्युत ग्रिड से होने वाली बिजली आपूर्ति भी ठप हो गई। करीब 20 किलोमीटर क्षेत्र में कई घंटों तक अंधेरा छाया रहा, जिससे आम लोगों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हुई।
किसानों को भारी नुकसान
बेमौसम आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर मोकामा-बड़हिया टाल क्षेत्र के किसानों पर पड़ा है, जो बिहार का प्रमुख दलहन उत्पादक इलाका माना जाता है।
इस समय दलहनी फसलों की कटाई का मौसम चल रहा है, ऐसे में तेज हवा और बारिश के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों के सामने पूरे साल की कमाई पर संकट खड़ा हो गया है।
प्रशासन अलर्ट, स्थिति पर नजर
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और बिजली विभाग स्थिति को सामान्य करने में जुट गए हैं। रेल विभाग भी क्षतिग्रस्त लाइन की मरम्मत कर ट्रेनों का परिचालन बहाल करने की कोशिश कर रहा है।
















