बिहार की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar जल्द ही सक्रिय राजनीति में कदम रख सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक निशांत कुमार 8 मार्च को औपचारिक रूप से Janata Dal (United) की सदस्यता ग्रहण कर सकते हैं।
बताया जा रहा है कि शनिवार सुबह निशांत कुमार अचानक जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद Sanjay Jha के आवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। बैठक के दौरान बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और जदयू के संगठनात्मक ढांचे पर चर्चा हुई।
जेडीयू सूत्रों का कहना है कि बातचीत के दौरान निशांत कुमार ने पार्टी की कार्यशैली, संगठनात्मक ढांचे और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही राजनीतिक रणनीतियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने नेताओं से यह भी जाना कि पार्टी किस तरह से जमीनी स्तर पर काम कर रही है और कार्यकर्ताओं की भूमिका क्या है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निशांत कुमार की यह ‘प्री-ज्वाइनिंग’ सक्रियता पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच नया उत्साह पैदा करने की रणनीति का हिस्सा हो सकती है। संजय झा की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात को जदयू के अंदर एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक 8 मार्च को पटना में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में निशांत कुमार आधिकारिक तौर पर जदयू की सदस्यता ले सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो इसे बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जाएगा।
गौरतलब है कि निशांत कुमार अब तक राजनीति से दूरी बनाए रखते आए हैं और सार्वजनिक जीवन में भी वे काफी लो-प्रोफाइल रहे हैं। उनका जन्म 1975 में बिहार के Bakhtiarpur में हुआ था। लंबे समय से यह चर्चा होती रही है कि वे कभी राजनीति में आएंगे या नहीं, लेकिन अब उनके सक्रिय होने के संकेत साफ दिखाई देने लगे हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर निशांत कुमार सक्रिय राजनीति में आते हैं तो इससे जदयू को नई पीढ़ी का नेतृत्व मिल सकता है। साथ ही यह भी माना जा रहा है कि इससे बिहार की राजनीति में आने वाले समय में कई नए समीकरण बन सकते हैं।





















