अररिया। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान बुधवार को अररिया जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया तथा एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाया। सभा के दौरान एक दिलचस्प पल तब देखने को मिला जब मुख्यमंत्री ने दर्शक दीर्घा में इधर-उधर जा रहे लोगों को अपने खास अंदाज में टोका।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाषण दे रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि कुछ लोग बीच सभा से उठकर बाहर जा रहे हैं। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, “कहां इधर-उधर जा रहे हैं, बैठिए न… अभी सब बात सुनिए, फिर जाइए। आप लोगों का भी बात बताएंगे।” मुख्यमंत्री के इस अंदाज को देखकर वहां मौजूद लोग भी कुछ देर के लिए हैरान रह गए, लेकिन फिर माहौल हल्का हो गया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 24 नवंबर 2005 को जब उनकी सरकार बनी, उससे पहले बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने कहा कि उस समय लोग शाम होने के बाद घर से निकलने में डरते थे और स्वास्थ्य, शिक्षा तथा सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी बदहाल थीं।
नीतीश कुमार ने कहा कि उनकी सरकार ने 2006 से कई महत्वपूर्ण पहल कीं। बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए साइकिल योजना शुरू की गई और शिक्षकों की बड़े पैमाने पर बहाली की गई। उन्होंने बताया कि बीपीएससी के माध्यम से भी शिक्षक नियुक्त किए गए और आज बिहार में सरकारी शिक्षकों की संख्या करीब 5 लाख 24 हजार हो चुकी है। इसके अलावा 45 हजार नए शिक्षकों की बहाली की प्रक्रिया भी जारी है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी अस्पतालों में इलाज की व्यवस्था काफी खराब थी। उनकी सरकार ने 2006 से ही सरकारी अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा शुरू की। उन्होंने बताया कि पहले बिहार में सिर्फ 6 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है और हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की दिशा में काम चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पटना के पीएमसीएच का विस्तार कर उसे 5403 बेड वाला अस्पताल बनाया जा रहा है, जबकि आईजीआईएमएस में भी सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में सड़कों और पुल-पुलियों का बड़े पैमाने पर निर्माण कराया गया है। इसके कारण अब बिहार के किसी भी कोने से पटना आने में पहले की तुलना में काफी कम समय लगता है। उन्होंने कहा कि पहले जहां छह घंटे से ज्यादा समय लगता था, अब राज्य के दूरस्थ जिलों से भी करीब पांच घंटे में पटना पहुंचना संभव हो गया है।
कृषि और मत्स्य पालन के क्षेत्र में भी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में मछली उत्पादन ढाई गुना बढ़ा है और चौथे कृषि रोडमैप के तहत किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि 2015 में शुरू किए गए सात निश्चय कार्यक्रम का पहला और दूसरा चरण लागू किया गया और अब तीसरे चरण पर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए किए गए कार्यों का भी जिक्र किया और कहा कि उनकी सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। साथ ही उन्होंने राज्य में मुफ्त बिजली देने की पहल को भी बड़ी राहत बताते हुए कहा कि इससे आम लोगों को काफी फायदा हुआ है।
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अररिया में नए पुलिस केंद्र के प्रशासनिक भवन का उद्घाटन किया और जिले में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने विकास योजनाओं से जुड़े स्टॉलों का निरीक्षण भी किया और कोशी दुग्ध परियोजना, पूर्णिया के अररिया सेंटर के सुदृढ़ीकरण एवं नवीनीकरण योजना का उद्घाटन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दुग्ध आपूर्तिकर्ताओं से संवाद किया, साथ ही जीएनएम छात्रावास का उद्घाटन किया और जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास समेत कल्याण विभाग द्वारा संचालित अन्य छात्रावासों के छात्रों से भी बातचीत की। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।














