बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है। शुक्रवार सुबह पटना पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें कुख्यात आरोपी अमित कुमार उर्फ नीतीश के पैर में गोली लगी। उसे घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मरीन ड्राइव–पीएमसीएच के पास सख्त घेराबंदी
घटना पीरबहोर थाना क्षेत्र के मरीन ड्राइव और Patna Medical College and Hospital (PMCH) के आसपास की बताई जा रही है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कोर्ट पेशी के बहाने इलाके में एक बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की साजिश रची गई है।
सूचना के आधार पर पटना पुलिस की डीआईयू टीम ने इलाके में जाल बिछाया। इसी दौरान संदिग्ध गतिविधि दिखने पर कार्रवाई की गई और मुठभेड़ में अमित उर्फ नीतीश के पैर में गोली लग गई। उसे हिरासत में लेकर इलाज कराया जा रहा है।
सुबोध सिंह के इशारे पर साजिश?
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जेल में बंद कुख्यात अपराधी Subodh Singh के इशारे पर रौशन उर्फ तात्या की हत्या की साजिश रची गई थी। योजना थी कि कोर्ट पेशी के दौरान पीएमसीएच आने-जाने के क्रम में मरीन ड्राइव इलाके में वारदात को अंजाम दिया जाए।
बताया जा रहा है कि हाल ही में पटना सिविल कोर्ट में पेशी के दौरान अमित, पीयूष नामक व्यक्ति के साथ रौशन तात्या पर हमला करने की नीयत से पहुंचा था, लेकिन पुलिस की सतर्कता से वारदात टल गई।
वैशाली का रहने वाला है आरोपी
अमित उर्फ नीतीश मूल रूप से वैशाली जिले का निवासी है और लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों से जुड़ा रहा है। पुलिस का ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ अभियान फिलहाल जारी है, जिसके तहत सुबोध सिंह गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है।
राजधानी में बढ़ाई गई सुरक्षा
मामले के बाद राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा।
पटना में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए पुलिस अलर्ट मोड में है और आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर छापेमारी की संभावना जताई जा रही है।
















