बिहार की राजधानी पटना के कई सरकारी स्कूलों में रसोई गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। गैस सिलेंडर की कमी के कारण बच्चों का मध्याह्न भोजन अब कोयले, लकड़ी और उपले पर तैयार किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक, कई स्कूलों में गैस सिलेंडर का स्टॉक महज दो से तीन दिन का ही बचा है। ऐसे में स्कूल प्रशासन को मजबूरी में पारंपरिक चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है।
नवीन कन्या मध्य विद्यालय और प्राथमिक स्कूल, नाला रोड में जगह की कमी के कारण एक ही कमरे में संयुक्त रूप से खाना बनाया जाता है। यहां गैस की अनुपलब्धता के चलते ईंट के चूल्हे पर लकड़ी से भोजन तैयार किया जा रहा है। स्कूल की प्रधान शिक्षिका शारदा रानी और संजय कुमार ने बताया कि गैस एजेंसी को कई बार फोन किया गया है, लेकिन अब तक सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया गया है।
वहीं, राजकीय मध्य विद्यालय के प्रधान शिक्षक प्रेम रंजन उपाध्याय ने बताया कि अनंत गैस एजेंसी से संपर्क करने पर जवाब मिला कि फिलहाल कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की आपूर्ति बंद है और 10 दिन बाद ही उपलब्ध हो सकेगा।
बापू स्मारक बालिका मध्य विद्यालय में फिलहाल 10 दिन का गैस स्टॉक बचा है, लेकिन उसके बाद स्थिति गंभीर हो सकती है।
भंवर पोखर बालक मध्य विद्यालय के प्रधान शिक्षक सुनील कुमार गुप्ता ने भी चिंता जताते हुए कहा कि गैस कभी भी खत्म हो सकती है और यदि समय पर सिलेंडर नहीं मिला तो लकड़ी के चूल्हे पर ही भोजन बनाना पड़ेगा।
इस गैस संकट के कारण न सिर्फ खाना बनाने में दिक्कत हो रही है, बल्कि बच्चों के स्वास्थ्य और स्वच्छता पर भी असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है।















