राजधानी पटना में बच्चा चोर गिरोह की सक्रियता की आशंका के बीच सूबे के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में दिनदहाड़े नवजात चोरी की कोशिश से हड़कंप मच गया। घटना प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की है, जहां जन्म के महज तीन घंटे बाद एक महिला नवजात को कपड़े में लपेटकर बाहर ले जाने लगी। हालांकि परिजनों, सुरक्षाकर्मियों और पीएमसीएच टीओपी पुलिस की तत्परता से आरोपी को अस्पताल गेट के पास स्थित दुर्गा मंदिर के समीप पकड़ लिया गया।
कैसे हुई वारदात?
जानकारी के अनुसार, बुद्ध मार्ग स्थित कमला नेहरू नगर बस्ती की एक महिला को सोमवार सुबह प्रसूति विभाग में भर्ती कराया गया था। सुबह 8:05 बजे उसने नवजात को जन्म दिया। कुछ देर के लिए पति के बाहर जाने और प्रसूता के वार्ड में अकेले होने का फायदा उठाते हुए वार्ड में पहले से मौजूद जैकी कुमारी नामक महिला ने खुद को रिश्तेदार बताकर विश्वास जीत लिया।
दोपहर करीब 1 बजे प्रसूता के सो जाने पर आरोपी महिला नवजात को गोद में लेकर धीरे-धीरे कपड़े में छिपाकर वार्ड से बाहर निकल गई। कुछ मिनट बाद जब पति लौटे तो बच्चा गायब मिला। वार्ड में अफरातफरी मच गई और तुरंत अस्पताल प्रशासन व पुलिस को सूचना दी गई।

सीसीटीवी से खुलासा, गेट के पास दबोची गई
पीएमसीएच टीओपी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक महिला संदिग्ध अवस्था में सीढ़ियों की ओर जाती दिखाई दी, जिसके हाथ में कपड़े में लिपटा नवजात था। इसके बाद सुरक्षाकर्मियों और परिजनों ने अस्पताल गेट के पास दुर्गा मंदिर के समीप आरोपी को पकड़ लिया। आक्रोशित लोगों ने उसकी पिटाई कर दी और फिर पुलिस के हवाले कर दिया।
पूछताछ में क्या बोली आरोपी?
पुलिस पूछताछ में आरोपी महिला ने बताया कि उसकी शादी तीन साल पहले मध्य प्रदेश में हुई थी। संतान नहीं होने के कारण उसे ससुराल में ताने और प्रताड़ना झेलनी पड़ रही थी। इसी दबाव में उसने नवजात चोरी की योजना बनाई। पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
दिनदहाड़े प्रसूति वार्ड से नवजात को बाहर ले जाने की कोशिश ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने संवेदनशील विभाग में बाहरी महिला का इस तरह वार्ड में मौजूद रहना और नवजात को लेकर बाहर निकल जाना प्रशासनिक लापरवाही की ओर इशारा करता है।
डीएम का अलर्ट, सीडीपीओ को निर्देश
बच्चा चोर गिरोह की खबरों के बीच पटना समाहरणालय की ओर से आधिकारिक पत्र जारी कर सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPOs) को विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने इस मामले को ‘अति आवश्यक’ श्रेणी में रखते हुए स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है। आशंका जताई जा रही है कि यह किसी बड़े गिरोह की कड़ी भी हो सकती है। प्रशासन और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है, जबकि अस्पताल प्रबंधन से भी जवाब-तलब की तैयारी है।














