गुरुवार को बिहार विधान परिषद के बाहर नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी के नेतृत्व में विपक्ष ने जोरदार प्रदर्शन किया। राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था, बढ़ती हत्या, दुष्कर्म और बलात्कार की घटनाओं को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए गए और जवाब की मांग की गई।
कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा
राबड़ी देवी ने कहा कि बिहार में हालात बेहद चिंताजनक हैं। रेप और हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार स्थिति संभालने के बजाय अपनी पीठ थपथपा रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इन मुद्दों को लेकर सड़क से सदन तक संघर्ष करता रहेगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है, लेकिन विपक्ष झुकने वाला नहीं है। बेटियों की सुरक्षा पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की बेटियां अन्याय के खिलाफ आवाज उठाती रहेंगी।
मैट्रिक छात्रा की आत्महत्या का मामला
राबड़ी देवी ने हालिया मैट्रिक परीक्षा से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए कहा कि एक छात्रा को कुछ मिनट देर से पहुंचने के कारण परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की और सवाल उठाया कि कुछ मिनट की देरी पर परीक्षा से रोकना कौन सा नियम है।
शराबबंदी पर भी तीखा हमला
विधान मंडल के भीतर भी शराबबंदी को लेकर माहौल गरमाया रहा। सुनील कुमार ने सरकार और सत्ता पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब आसानी से उपलब्ध है और सत्ता पक्ष के कई मंत्री व विधायक रोजाना शराब का सेवन करते हैं। यहां तक कि उन्होंने विधानमंडल परिसर में शराब की बोतलें खुलने का आरोप लगाया, हालांकि किसी का नाम नहीं लिया।
25 हजार करोड़ के समानांतर कारोबार का आरोप
सुनील कुमार ने आरोप लगाया कि शराबबंदी कानून लागू कर नीतीश कुमार की सरकार ने करीब 25 हजार करोड़ रुपये का समानांतर कारोबार खड़ा कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में राज्य की स्थिति बिगड़ी है और बिहार ‘उड़ता पंजाब’ जैसी हालत की ओर बढ़ रहा है। उनका आरोप था कि छोटे-छोटे बच्चे भी सूखे नशे की चपेट में हैं, लेकिन सरकार आंख मूंदे बैठी है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है और आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।














