Indian Railways में अब टिकट चेकिंग स्टाफ (टीटीई), बुकिंग क्लर्क और सुपरवाइजर जैसे अराजपत्रित कर्मचारियों को भी अपनी और अपने परिवार की अचल संपत्ति का पूरा विवरण देना अनिवार्य होगा। यह निर्देश रेलवे बोर्ड ने नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए जारी किया है।
किन कर्मचारियों को देना होगा विवरण
रेलवे बोर्ड के अनुसार ग्रुप ‘सी’ के ऐसे पर्यवेक्षी कर्मचारी, जिनका वेतनमान अधिकतम ग्रेड पे 4600 रुपये या उससे अधिक है, उन्हें अपनी संपत्ति की वार्षिक जानकारी देना अनिवार्य होगा।
इसमें शामिल होंगे:
- टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE)
- बुकिंग क्लर्क
- आरक्षण लिपिक
- पार्सल लिपिक
- टिकट कलेक्टर
- अन्य पर्यवेक्षी कर्मचारी
किन संपत्तियों की देनी होगी जानकारी
कर्मचारियों को केवल अपनी ही नहीं बल्कि परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्ति का भी विवरण देना होगा। इसमें शामिल हैं:
- विरासत में मिली संपत्ति
- स्वयं खरीदी गई जमीन या मकान
- फ्लैट या प्लॉट
- लीज पर ली गई संपत्ति
- गिरवी या बंधक पर ली गई प्रॉपर्टी
नियुक्ति के 3 महीने के अंदर देना होगा विवरण
रेलवे बोर्ड की निदेशक (स्थापना) Priya Gopal Krishnan द्वारा 2 फरवरी 2026 को जारी पत्र में कहा गया है कि कर्मचारियों को:
- नियुक्ति के 3 महीने के भीतर संपत्ति का विवरण देना होगा
- इसके बाद हर साल जनवरी में वार्षिक संपत्ति विवरणी जमा करनी होगी
- पदोन्नति के समय भी संपत्ति का अपडेट देना होगा
- सेवानिवृत्ति से करीब 2 वर्ष पहले पेंशन दस्तावेजों के साथ अद्यतन जानकारी देनी होगी
नियमों के पालन में लापरवाही पर सख्ती
रेलवे बोर्ड ने पाया कि कई जोन और उत्पादन इकाइयों में इन नियमों का पालन सही तरीके से नहीं हो रहा था। कुछ कर्मचारी संपत्ति विवरणी जमा नहीं कर रहे थे और प्रशासन भी इस पर पर्याप्त निगरानी नहीं कर पा रहा था।
इसी वजह से रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे और संबंधित इकाइयों को निर्देश दिया है कि वे निर्धारित प्रारूप में कर्मचारियों से समय पर संपत्ति विवरणी जमा कराना सुनिश्चित करें और नियमों का सख्ती से पालन करवाएं।
















