शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर जहरीली शराब कांड की आशंका से हड़कंप मच गया है। कथित तौर पर जहरीली शराब पीने से 24 घंटे के भीतर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच लोगों की आंखों की रोशनी चले जाने की सूचना सामने आई है। सभी की हालत गंभीर बताई जा रही है।
दरअसल पूरा मामला सारण जिले के पानापुर थाना क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार पिछले 24 घंटे के भीतर दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोगों की तबीयत खराब बताई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इनकी तबीयत जहरीली शराब पीने से बिगड़ी है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
धेनुकी गांव में पहली मौत
जानकारी के मुताबिक धेनुकी गांव में बुधवार रात करीब 50 वर्षीय सुकन नट की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए पानापुर बाजार स्थित एक निजी डॉक्टर के पास ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि गुरुवार सुबह परिजनों ने उनका गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार भी कर दिया। इसके बाद गांव में जहरीली शराब से मौत की चर्चा फैलने लगी।
सूचना मिलने पर पानापुर थानाध्यक्ष राजा कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और परिजनों से पूछताछ की। हालांकि परिजनों ने पुलिस को बताया कि सुकन नट की मौत हार्ट अटैक से हुई है।
दूसरी मौत से बढ़ी आशंका
इसी बीच गुरुवार सुबह दुबौली गांव निवासी 40 वर्षीय धर्मेंद्र राय की भी अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए पटना लेकर पहुंचे, लेकिन दोपहर तक उनकी भी मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर पानापुर थाना पहुंचे और पोस्टमार्टम की मांग को लेकर हंगामा किया।
परिजनों का आरोप है कि धर्मेंद्र राय की मौत जहरीली शराब पीने से हुई है।
5–6 लोगों की आंखों की रोशनी जाने की सूचना
स्थानीय सूत्रों के अनुसार पानापुर थाना क्षेत्र के दुबौली, धेनुकी और खजौली गांव में कुछ लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इनमें से 5–6 लोगों की आंखों की रोशनी जाने की भी सूचना मिल रही है। परिजन उन्हें अलग-अलग स्थानों पर चोरी-छिपे इलाज के लिए ले जा रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर अभी इसकी पुष्टि नहीं की गई है।
पहले भी हो चुकी हैं बड़ी घटनाएं
गौरतलब है कि बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, जिसके तहत शराब के उत्पादन, बिक्री और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद अवैध शराब का कारोबार पूरी तरह थम नहीं पाया है।
सारण जिला पहले भी जहरीली शराब की घटनाओं को लेकर सुर्खियों में रहा है। दिसंबर 2022 में मशरक, इसुआपुर और अमनौर थाना क्षेत्रों में जहरीली शराब पीने से 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। वहीं अक्टूबर 2024 में सारण, सिवान और गोपालगंज में जहरीली शराब पीने से तीन दर्जन से अधिक लोगों की जान चली गई थी।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुट गया है और मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।















