बिहार की सियासत में आज एक नया और अहम अध्याय जुड़ने जा रहा है। पूर्व सैन्य अधिकारी और रणनीतिक मामलों के जानकार Syed Ata Hasnain आज पटना में बिहार के नए राज्यपाल के रूप में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
राजधानी के Lok Bhawan में सुबह 10 बजे आयोजित होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है।
समारोह में Nitish Kumar, Samrat Choudhary, Vijay Kumar Sinha, Prem Kumar और Awadhesh Narayan Singh समेत बिहार की राजनीति के कई प्रमुख नेता मौजूद रहेंगे।
शपथ ग्रहण समारोह में K. Vinod Chandran, जो कि Patna High Court के मुख्य न्यायाधीश हैं, उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। आजादी के बाद सैयद अता हसनैन बिहार के 43वें राज्यपाल बनेंगे।
गुरुवार को पटना पहुंचे हसनैन
गुरुवार को ही उनका पटना आगमन हो चुका है और Raj Bhavan Patna में उनकी ताजपोशी को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
चार दशक का सैन्य अनुभव
करीब चार दशक तक Indian Army में सेवा दे चुके सैयद अता हसनैन अपनी मजबूत रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता के लिए जाने जाते हैं। अपने लंबे सैन्य करियर के दौरान उन्होंने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं, खासकर Jammu and Kashmir जैसे संवेदनशील इलाकों में।
सुरक्षा, कूटनीति और सामाजिक समन्वय को साथ लेकर चलने की उनकी कार्यशैली ने उन्हें अलग पहचान दिलाई। उनके नेतृत्व में सेना ने कई सामाजिक पहल भी शुरू की थीं, जिनका उद्देश्य युवाओं को शिक्षा, खेल और रोजगार से जोड़ना था। इन पहलों के जरिए कश्मीर के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की गई।
सेवानिवृत्ति के बाद भी सक्रिय भूमिका
सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका सार्वजनिक जीवन सक्रिय रहा। उन्हें National Disaster Management Authority का सदस्य बनाया गया, जहां उन्होंने आपदा प्रबंधन और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों में अहम योगदान दिया।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सैयद अता हसनैन की नियुक्ति केवल एक संवैधानिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह प्रशासनिक और रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण संदेश देती है। बिहार की राजनीति और प्रशासन में अब उनकी नई भूमिका पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

















