नई दिल्ली/वॉशिंगटन से एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय खबर सामने आ रही है, जहां डोनाल्ड ट्रंप के एक बयान ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है।
टेनेसी में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू करने के फैसले की जिम्मेदारी अपने रक्षा सचिव पीट हेगसेथ पर डाल दी। इस दौरान हेगसेथ कार्यक्रम में उनके बगल में ही मौजूद थे।
ट्रंप ने कहा, “पीट, मुझे लगता है कि सबसे पहले तुमने ही कहा था कि चलो इसे करते हैं, क्योंकि आप उन्हें परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दे सकते।” उनके इस बयान ने वॉशिंगटन में नई बहस छेड़ दी है कि आखिर ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान को लेकर प्रशासन के भीतर किसने पहल की थी।
ट्रंप ने आगे बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर कई वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत की थी। उन्होंने कहा, “मैंने पीट को फोन किया, मैंने जनरल डैन केन को फोन किया और अपने कई बेहतरीन लोगों से चर्चा की। मिडिल ईस्ट में हमारे सामने एक बड़ी समस्या है।”
उन्होंने ईरान पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पिछले कई दशकों से आतंक फैलाने में शामिल रहा है और परमाणु हथियार हासिल करने के बेहद करीब है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के पास विकल्प था कि वह मिडिल ईस्ट में सैनिकों की संख्या बढ़ाता रहे या फिर एक छोटा सैन्य अभियान चलाकर समस्या का स्थायी समाधान करे।
बयान के दौरान ट्रंप ने हेगसेथ की तारीफ भी की और दावा किया कि अमेरिका तेहरान के साथ “बहुत अच्छी” बातचीत कर रहा है। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया ने किसी भी तरह की बातचीत की खबरों से इनकार किया है।
गौरतलब है कि फरवरी के आखिर में शुरू हुआ यह संघर्ष अब एक बड़े क्षेत्रीय टकराव का रूप ले चुका है, जिसमें ईरान और उसके सहयोगी भी शामिल हो गए हैं।
ट्रंप के इस बयान के बाद अमेरिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विश्लेषक इसे प्रशासन के भीतर मतभेद के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

















