• Home
  • Elections
  • बहन रोहिणी के अपमान पर बिफरे तेज प्रताप, जयचंदों को मिट्टी में गाड़ने की चेतावनी—लालू का नाम लेकर किया बड़ा ऐलान
Image

बहन रोहिणी के अपमान पर बिफरे तेज प्रताप, जयचंदों को मिट्टी में गाड़ने की चेतावनी—लालू का नाम लेकर किया बड़ा ऐलान

बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद राजद (RJD) में अंतर्कलह खुलकर सामने आ रही है। कभी राज्य की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत रही पार्टी इस बार मात्र 25 सीटों पर सिमट गई, और अब यह हार न सिर्फ राजनीतिक स्तर पर बल्कि लालू परिवार के भीतर भी तनाव पैदा कर रही है।

हालिया घटनाक्रम में लालू प्रसाद यादव को किडनी दान करने वाली उनकी बेटी रोहिणी आचार्य ने पार्टी और परिवार दोनों से नाता तोड़ने का ऐलान कर दिया है। रोहिणी ने तेजस्वी यादव, संजय यादव और रमीज़ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें अपमानित किया गया और घर से निकाल दिया गया।

🔹 तेज प्रताप यादव का गुस्सा फूटा

रोहिणी विवाद के बाद अब लालू परिवार के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव भी नाराज़गी जाहिर करते हुए खुलकर सामने आ गए हैं।
पहले ही पार्टी और परिवार से अलग किए जा चुके तेज प्रताप ने अपनी पार्टी जनशक्ति जनता दल की आधिकारिक वेबसाइट पर पोस्ट कर बहन का पक्ष लिया।

तेज प्रताप ने लिखा:

“कल की घटना ने दिल को भीतर तक झकझोर दिया है। मेरे साथ जो हुआ, वह मैं सह गया… लेकिन मेरी बहन के साथ हुआ अपमान किसी भी हाल में असहनीय है।”

उन्होंने आगे लिखा:

“सुन लो जयचंदो! परिवार पर वार करोगे तो बिहार की जनता तुम्हें कभी माफ़ नहीं करेगी। रोहिणी बहन के साथ चप्पल उठाने की घटना सुनकर दिल की आहत अब अग्नि बन चुकी है।”

तेज प्रताप ने दावा किया कि कुछ “चंद चेहरे” तेजस्वी यादव की समझ पर पर्दा डाल रहे हैं और यह स्थिति पार्टी के लिए खतरनाक हो सकती है।

🔹 “पिता जी का एक संकेत पूरे बिहार को हिला देगा” — तेज प्रताप

पोस्ट में तेज प्रताप ने अपने पिता लालू प्रसाद यादव से सीधे आग्रह किया:

“पिता जी, एक संकेत दीजिए… सिर्फ एक इशारा, और बिहार की जनता इन जयचंदों को जमीन में गाड़ने का काम खुद कर देगी।”

उन्होंने यह लड़ाई “परिवार के सम्मान, बेटी की गरिमा और बिहार के स्वाभिमान” की लड़ाई बताया।
पोस्ट के अंत में उन्होंने खुद को “एक बेटा और भाई – तेज प्रताप यादव” के रूप में हस्ताक्षरित किया।

🔹 परिवारिक कलह और राजनीतिक संकट एक साथ

रोहिणी आचार्य का परिवार और राजनीति दोनों से दूरी बनाना और उसके बाद तेज प्रताप यादव का खुला विरोध—
दोनों संकेत देते हैं कि राजद की करारी चुनावी हार अब लालू परिवार के अंदर गहरे मतभेद के रूप में बदल चुकी है।

परिस्थिति से साफ है कि यह विवाद आने वाले दिनों में पार्टी के लिए और बड़ा संकट खड़ा कर सकता है।

Releated Posts

तीन राज्यों में मतदान जारी, असम में 59% से ज्यादा वोटिंग; केरल-पुडुचेरी में भी दिखा उत्साह

नई दिल्ली: असम, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के तहत मतदान जारी है। तीनों राज्यों में मतदाताओं…

ByByAjay Shastri Apr 9, 2026

बिहार पंचायत चुनाव 2026 से पहले परिसीमन पर बवाल, पटना हाईकोर्ट पहुंचा मामला

बिहार में आगामी पंचायत चुनाव 2026 से पहले सियासी माहौल गरमाता जा रहा है। पंचायती राज व्यवस्था की…

ByByAjay Shastri Mar 18, 2026

बिहार राज्यसभा चुनाव: 5 सीटों के लिए वोटिंग जारी, अब तक RJD के 24 और कांग्रेस के 3 विधायकों ने डाले वोट

बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए मतदान जारी है। वोटिंग प्रक्रिया सुबह 9 बजे से शुरू…

ByByAjay Shastri Mar 16, 2026

पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, लागू हुई आचार संहिता

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने रविवार को पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का…

ByByAjay Shastri Mar 15, 2026

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top