बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री जल्द ही महंगी हो सकती है। राज्य में जमीन रजिस्ट्री के नए सर्किल रेट यानी मार्केट वैल्यू रेट (MVR) को जनवरी 2025 से लागू करने की पूरी तैयारी चल रही है। सूत्रों के अनुसार, एमवीआर का पुनरीक्षण अंतिम चरण में है और इसे नए साल से लागू किया जा सकता है।
पटना में सभी 75 वार्डों का मूल्यांकन
पटना नगर निगम के 75 वार्डों में जमीन और फ्लैट के मूल्यांकन का काम तेजी से किया जा रहा है। इसके अलावा जिले के सभी नगर पंचायतों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी भूमि मूल्यांकन अंतिम दौर में है।
तीन गुना तक महंगी हो सकती है रजिस्ट्री
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, नया MVR लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री दो से तीन गुना तक महंगी हो सकती है।
200 से 300 सर्किल रेट बढ़ने की संभावना
जहां जमीन की खरीद-बिक्री ज्यादा होती है, वहां रेट में बड़ी वृद्धि
रजिस्ट्री विभाग को अधिक राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी
अधिकारियों का कहना है कि 2013 से सर्किल रेट नहीं बढ़ाया गया, जबकि इस दौरान बिहार के कई इलाकों में जमीन की बाजार कीमत कई गुना बढ़ चुकी है।
चार आधारों पर हो रहा है MVR का पुनरीक्षण
राज्य सरकार नया एमवीआर चार मुख्य मानकों पर तैयार कर रही है—
बाजार दर के आधार पर नया मार्केट वैल्यू रेट
जहां एमवीआर और बाजार दर में ज्यादा अंतर, वहां बड़े बदलाव
2017 के अनुसार भूमि का पुनर्वर्गीकरण
औद्योगिक क्षेत्रों की अलग श्रेणी
इसके अलावा, पुनरीक्षण के दौरान वार्डों की सड़कों की सूची तैयार की जा रही है, ताकि इलाके के अनुसार जमीन का सही मूल्य निर्धारित हो सके।
नए साल में लागू होने की तैयारी
जिला निबंधन कार्यालय की टीम प्रतिदिन इलाकेवार रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेज रही है।
जनवरी या फरवरी 2025 से नए सर्किल रेट लागू किए जा सकते हैं
वर्तमान बाजार दर के अनुसार मूल्यांकन लगभग पूरा
नए MVR लागू होने से मौजों की संख्या भी बढ़ेगी
नए रेट लागू होने के बाद जमीन खरीदने वालों और रियल एस्टेट सेक्टर पर बड़ा असर पड़ सकता है।
पटना से राहुल कुमार की रिपोर्ट

















