हर-हर महादेव के गगनभेदी जयकारों के बीच विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की आस्था यात्रा अब बिहार की ओर तेज़ी से बढ़ रही है। लगभग दो हजार किलोमीटर की इस महायात्रा में अब तक एक हजार किलोमीटर से अधिक दूरी तय की जा चुकी है। काफिला नागपुर से आगे निकल चुका है और मध्य प्रदेश में प्रवेश करने वाला है।
33 फीट ऊंचा, 210 टन वजनी विराट शिवलिंग
यह विशाल शिवलिंग 33 फीट ऊंचा और 210 मीट्रिक टन वजनी है। इसे तमिलनाडु के महाबलीपुरम में एक ही ग्रेनाइट पत्थर को तराशकर बनाया गया है, जिस पर करीब 3 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।
शिवलिंग के निचले हिस्से में 1008 छोटे-छोटे शिवलिंग उकेरे गए हैं, जो इसे अद्वितीय बनाते हैं।
गंतव्य: पूर्वी चंपारण का कैथवलिया गांव
यह भव्य शिवलिंग पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर प्रखंड स्थित कैथवलिया गांव में स्थापित किया जाएगा, जहां श्री महावीर मंदिर न्यास पटना द्वारा विश्व प्रसिद्ध विराट रामायण मंदिर का निर्माण किया जा रहा है।
शिवलिंग के लिए आधार स्तंभ का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
शिवलिंग यात्रा में उमड़ रही भीड़
महायात्रा के दौरान काफिले को जगह-जगह रोककर शिवलिंग की पूजा-अर्चना की जा रही है। मार्ग में बड़ी संख्या में लोग दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
मध्य प्रदेश में प्रवेश करते ही महावीर मंदिर पटना की टीम भी काफिले से जुड़ जाएगी।
अनुमान है कि 20 दिसंबर तक शिवलिंग अपने गंतव्य कैथवलिया पहुंच जाएगा।
विराट रामायण मंदिर — विश्व स्तर का भव्य निर्माण
यह मंदिर 120 एकड़ भूमि पर बनाया जा रहा है और विश्व के सबसे बड़े मंदिरों में शामिल होगा।
मंदिर निर्माण में नए संसद भवन में अपनाई गई उन्नत तकनीक का उपयोग किया जा रहा है।
मंदिर की विशेषताएं
- शिखर की ऊंचाई: 270 फीट
- चौड़ाई: 540 फीट
- लंबाई: 1080 फीट
- कुल मंदिर: 22
- कुल शिखर: 12
- सबसे ऊँचा शिखर: 270 फीट
- अन्य शिखरों की ऊँचाई:
- 198 फीट (1)
- 180 फीट (4)
- 135 फीट (1)
- 108 फीट (5)
- शिवलिंग की ऊंचाई: 33 फीट
- शिवलिंग की गोलाई: 33 फीट
निर्माण में आईं चुनौतियां
- भूमि अधिग्रहण चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन स्थानीय लोगों ने स्वेच्छा से भूमि दी।
- प्रारंभिक नक्शे पर कंबोडिया सरकार ने आपत्ति जताई, इसे अंकोरवाट मंदिर का प्रतिरूप बताया गया।
- बाद में नक्शा बदलकर सिस्मिक जोन–5 (सबसे संवेदनशील भूकंप क्षेत्र) के मुताबिक डिज़ाइन किया गया।
















