डंडारी (बेगूसराय)। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) डंडारी इकाई के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को बांग्लादेश में कथित रूप से हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मोहम्मद यूनुस का पुतला दहन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए बांग्लादेश सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
पुतला दहन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एबीवीपी उत्तर बिहार के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य दयानिधान गिरी ने कहा कि बांग्लादेश में हाल के दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं, वे बेहद निंदनीय हैं और मानवता को शर्मसार करने वाली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता परिवर्तन के बाद वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। दयानिधान गिरी ने कहा कि कथित रूप से दीपू चंद्र दास की हत्या पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में हुई, लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जो कानून व्यवस्था की गंभीर विफलता को दर्शाता है।
एबीवीपी डंडारी के नगर मंत्री दिवेश कुमार ने कहा कि बांग्लादेश में मंदिरों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों, महिलाओं, संपत्तियों के साथ-साथ शासकीय कर्मचारियों और पत्रकारों पर भी हमले हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है और अल्पसंख्यक समुदाय भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन जीने को मजबूर है।
नगर सह मंत्री सुमंत कुमार और शुभम झा ने कहा कि वर्ष 1947 के विभाजन के बाद भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश में हिंदू आबादी में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। यह स्थिति गंभीर सामाजिक और राजनीतिक चिंताओं की ओर इशारा करती है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रमुखता से उठाया जाए और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाकर वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने भारत सरकार से अपील की कि वह बांग्लादेश सरकार से कड़े शब्दों में बात कर पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
पुतला दहन कार्यक्रम में नगर कोषाध्यक्ष बिशाल कुमार, सोशल मीडिया संयोजक आकाश दीप कुमार, सह संयोजक कुंदन कुमार, खेलो भारत संयोजक निकेश झा सहित रूपेश कुमार, शिवजी, गुंजन, विकास, अमन, दिवो, राजीव कुमार, छोटू कुमार, किशन कुमार, कार्तिक कुमार समेत बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रामसेवक स्वामी की रिपोर्ट

















