बिहार के बुनियादी ढांचे के विकास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई है। गंगा नदी पर बेगूसराय के सिमरिया और पटना के मोकामा को जोड़ने वाला नया डबल ट्रैक रेल पुल पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। यह पुल सिर्फ एक संरचना नहीं, बल्कि राज्य के रेल नेटवर्क को नई गति देने वाला मील का पत्थर साबित होगा।

इस अत्याधुनिक रेल पुल पर 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़ सकेंगी, और खास बात यह है कि पुल पर ट्रेन की स्पीड कम नहीं करनी पड़ेगी। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह पुल भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे लंबे समय तक इसकी मजबूती बनी रहेगी।
दिल्ली जाने में बचेगा आधा घंटा
नए पुल के चालू होने से पटना से दिल्ली जाने वाली ट्रेनों के सफर में करीब 30 मिनट की कमी आएगी। अब ट्रेनों को पुराने पुल पर स्पीड प्रतिबंध के कारण धीमी गति से गुजरना नहीं पड़ेगा, जिससे समय की बचत होगी और ट्रेनों की समयबद्धता भी बेहतर होगी।
रेल परिचालन होगा और अधिक सुगम
यह डबल ट्रैक रेल पुल उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच रेल संपर्क को और मजबूत करेगा। मालगाड़ियों और एक्सप्रेस ट्रेनों की आवाजाही आसान होने से व्यापार, उद्योग और यात्री सुविधाओं को बड़ा लाभ मिलेगा। साथ ही, रेल रूट पर ट्रैफिक दबाव भी कम होगा।
आधुनिक तकनीक से हुआ निर्माण
रेलवे सूत्रों के अनुसार, पुल का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से किया गया है। मजबूत पिलर, उच्च गुणवत्ता वाले स्टील और अत्याधुनिक ट्रैक सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिससे यह पुल आने वाले दशकों तक सुरक्षित रहेगा।
कुल मिलाकर, सिमरिया–मोकामा नया रेल पुल बिहार के लिए सिर्फ एक संपर्क मार्ग नहीं, बल्कि विकास, रफ्तार और भरोसे का प्रतीक बनकर उभरा है। इसके चालू होते ही राज्य के रेल मानचित्र पर एक नई कहानी लिखी जाएगी।

अजय शास्त्री की रिपोर्ट















