बिहार के कटिहार जिले से एक बड़ा खुलासा हुआ है, जहां गौशाला की आड़ में चल रहे पशु तस्करी के संगठित रैकेट का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस ने इस मामले में आजमनगर थाना क्षेत्र के बेरिया चांदपुर गांव के मुखिया मोहम्मद महबूब को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने SPCA के नाम पर एक सोसाइटी बनाकर जब्त किए गए मवेशियों को गौशाला में रखने की जिम्मेदारी ली थी। आरोप है कि बाद में वह इन्हीं मवेशियों को अवैध रूप से बेचकर तस्करी करता था।
पुलिस को गुप्त सूचना मिलने के बाद टीम ने गौशाला में छापेमारी की। रिकॉर्ड के अनुसार वहां 270 मवेशी होने चाहिए थे, लेकिन मौके पर केवल 155 मवेशी ही पाए गए। जब संचालक से इस बारे में पूछताछ की गई तो वह न तो आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत कर सका और न ही गायब पशुओं को लेकर कोई संतोषजनक जवाब दे पाया।
प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि जब्त किए गए मवेशियों को जिम्मेनामा पर लेकर संगठित तरीके से उनकी तस्करी की जा रही थी। सीमांचल क्षेत्र पहले से ही पशु तस्करी के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है, जहां से मवेशियों को पश्चिम बंगाल के रास्ते बांग्लादेश तक भेजे जाने की आशंका जताई जाती है।
इस मामले में शिखर चौधरी ने आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि मोहम्मद महबूब पर पहले से ही विभिन्न थानों में करीब आठ मामले दर्ज हैं।
फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की तलाश जारी है। यह कार्रवाई इलाके में पशु तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है।
















