बिहार में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मामला उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के विधानसभा क्षेत्र लखीसराय के बड़हिया इलाके का है, जहां एक वायरल वीडियो ने नशे के बड़े नेटवर्क की परतें खोल दी हैं।
खुलेआम स्मैक की खरीद-फरोख्त
वायरल वीडियो में कुछ संदिग्ध लोग खुलेआम स्मैक जैसे खतरनाक नशे की खरीद-फरोख्त करते नजर आ रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस दौरान मौके पर नोटों की गड्डियां भी दिखाई दे रही हैं, जिससे यह साफ होता है कि यह कारोबार बेखौफ तरीके से चल रहा था।
पुलिस पर उठे सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों के बीच चर्चा है कि क्या यह धंधा पुलिस की नाक के नीचे चल रहा था या फिर किसी संरक्षण में फल-फूल रहा है।
संगठित नेटवर्क की आशंका
इलाके में यह भी चर्चा तेज है कि यह केवल छोटे पेडलर्स का काम नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क है। इसमें सप्लायर से लेकर लोकल डीलर तक की स्पष्ट भूमिका तय होती है, जो इस धंधे को मजबूती देता है।
युवाओं पर बढ़ता खतरा
लखीसराय में नशे का यह कारोबार अब खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। युवा पीढ़ी तेजी से इसकी चपेट में आ रही है। मोहल्लों में “डोज”, “माल” और “कट” जैसे कोड वर्ड्स आम होते जा रहे हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं।
सियासत भी गरमाई
इस मुद्दे पर सियासत भी तेज हो गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पहले से ही सूखे नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरते रहे हैं। उनका आरोप है कि सरकार का अपराधियों पर नियंत्रण कमजोर पड़ गया है और नशा तस्कर बेखौफ हो चुके हैं।
अब क्या करेगी पुलिस?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस केवल औपचारिक कार्रवाई करेगी या फिर इस पूरे नशा सिंडिकेट को खत्म करने के लिए सख्त और ठोस कदम उठाएगी।
फिलहाल यह वीडियो कई बड़े खुलासे कर रहा है और साथ ही उपमुख्यमंत्री के क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल भी खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में पुलिस की कार्रवाई इस मामले की दिशा तय करेगी।

















