बिहार में आय से अधिक संपत्ति मामले में आरोपी किशनगंज के SDPO गौतम कुमार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने इस मामले में अपनी जांच तेज कर दी है और कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि गौतम कुमार आज EOU के समक्ष पेश हो सकते हैं।
32 साल की नौकरी में 100 करोड़ की संपत्ति!
जांच में सामने आया है कि करीब 32 साल की सेवा के दौरान गौतम कुमार ने कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति अर्जित की। यह संपत्ति उन्होंने अपने परिजनों, परिचितों, महिला मित्र और यहां तक कि नौकरानी के नाम पर भी बनाई।
तीन टीमों की जांच, देश-विदेश तक फैला नेटवर्क
EOU ने इस मामले की जांच के लिए तीन अलग-अलग टीमें गठित की हैं।
- एक टीम किशनगंज और पूर्णिया में मिली संपत्तियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है।
- दूसरी टीम अररिया, मुंगेर और पटना में सामने आई संपत्तियों की जांच में जुटी है।
- तीसरी टीम दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा में संपत्तियों की जांच के लिए रवाना होने वाली है।
इसके अलावा नेपाल और पश्चिम बंगाल में भी संपत्तियों के सुराग मिले हैं, जिनकी पड़ताल की जा रही है।
छापेमारी में उड़ गए अफसरों के होश
31 मार्च को हुई छापेमारी के दौरान EOU अधिकारियों को भारी मात्रा में संपत्ति और निवेश के दस्तावेज मिले, जिसे देखकर टीम भी हैरान रह गई। जांच में यह भी पाया गया कि कई संपत्तियां बेनामी तरीके से खरीदी गई थीं।
नौकरानी और महिला मित्र के नाम पर संपत्ति
जांच में खुलासा हुआ है कि गौतम कुमार ने अपनी महिला मित्र शगुफ्ता के नाम पर सात भूखंड खरीदे थे। इसके अलावा उनकी नौकरानी के नाम पर भी संपत्तियों के प्रमाण मिले हैं, जो जांच के दायरे में हैं।
कॉल डिटेल्स से बढ़ी जांच की दिशा
EOU को जांच के दौरान कई संदिग्ध कॉल डिटेल्स भी मिले हैं। कुछ नंबरों पर एक दिन में 50 बार तक बातचीत हुई है, जिससे माफिया और सफेदपोश लोगों से संबंधों की आशंका जताई जा रही है। इन कनेक्शनों की गहन जांच की जा रही है।
गैलेन्ट्री अवार्ड भी मिला था
गौरतलब है कि गौतम कुमार को उनकी सेवा के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए गैलेंट्री अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। ऐसे में इस तरह के आरोप सामने आने से मामला और भी गंभीर हो गया है।
आगे क्या?
EOU का कहना है कि यदि जांच में आरोप प्रमाणित होते हैं, तो गौतम कुमार के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एजेंसी पूरे नेटवर्क को खंगालते हुए हर कड़ी को जोड़ने में जुटी है।


















