काजी मोहम्मदपुर थाना क्षेत्र के कलमबाग चौक स्थित हनुमान मंदिर के पास पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि दो संदिग्ध युवक बाइक से हथियार की खेप लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर पुलिस और DIU की टीम ने घेराबंदी कर दोनों युवकों को रोका और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उनके पास से 200 राउंड जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
गिरफ्तारी के बाद जब दोनों आरोपियों से सघन पूछताछ की गई, तो उन्होंने कई अहम खुलासे किए। उनकी निशानदेही पर विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र स्थित एक PG हॉस्टल के कमरे में छापेमारी की गई, जहां से पिस्टल की मैगजीन और होलेस्टर बरामद हुआ।
सबसे हैरान करने वाली बात यह सामने आई कि आरोपी हॉस्टल में रहकर ही अपने तस्करी नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। इससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
इस मामले में वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) कांतेश कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पहले भी जेल जा चुके हैं। हॉस्टल में उनके अवैध रूप से रहने के मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को पत्र लिखने की तैयारी की जा रही है, ताकि ऐसे लोगों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जा सके।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों के स्थानीय संपर्कों की जांच में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि उन्हें मुजफ्फरपुर में कौन संरक्षण दे रहा था और बरामद कारतूस की सप्लाई कहां होनी थी। पुलिस को शक है कि इसके पीछे कोई बड़ा अंतरजिला गिरोह सक्रिय हो सकता है। जल्द ही इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।


















