पटना। बिहार की राजनीति इन दिनों तेज हलचल के दौर से गुजर रही है। नई सरकार के गठन और शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। आने वाले 48 घंटे राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम और ऐतिहासिक माने जा रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। उसी दिन उनकी अध्यक्षता में कैबिनेट की अंतिम बैठक भी प्रस्तावित है। इसके साथ ही मौजूदा सरकार का कार्यकाल समाप्त होने की संभावना है।
इसके बाद 15 अप्रैल को नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। समारोह को भव्य बनाने और सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए लगातार समीक्षा की जा रही है।
इसी क्रम में बिहार के राज्यपाल ने पटना के जिलाधिकारी को राजभवन स्थित लोक भवन में तलब किया। जानकारी के अनुसार, जिलाधिकारी ने राज्यपाल से मुलाकात कर 15 अप्रैल को प्रस्तावित शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की। इस दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था, प्रोटोकॉल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, इस शपथ ग्रहण समारोह में कई बड़े राजनीतिक नेता और वीआईपी मेहमान शामिल हो सकते हैं। इसे देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और हर स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है।
जिलाधिकारी ने राज्यपाल को कार्यक्रम स्थल, सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट और भीड़ नियंत्रण से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी। वहीं राज्यपाल ने निर्देश दिया है कि सभी व्यवस्थाएं सुचारू और व्यवस्थित ढंग से सुनिश्चित की जाएं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
फिलहाल, बिहार में सियासी गतिविधियां अपने चरम पर हैं और अब सबकी नजरें 14 और 15 अप्रैल पर टिकी हैं, जब राज्य को नई सरकार और नया नेतृत्व मिलने जा रहा है।
पटना से राहुल कुमार की रिपोर्ट















