प्रयागराज/गाजियाबाद:
देश के धार्मिक और कानूनी हलकों में हलचल मचाने वाले एक सनसनीखेज मामले में चलती ट्रेन में जानलेवा हमले की घटना सामने आई है। बटुकों से कथित यौन उत्पीड़न के मामले में एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी उर्फ आशुतोष महाराज पर अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
मिली जानकारी के अनुसार आशुतोष ब्रह्मचारी गाजियाबाद से प्रयागराज की ओर रीवा एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे थे। वह ट्रेन के फर्स्ट एसी कोच में सफर कर रहे थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 5 बजे जब ट्रेन सिराथू रेलवे स्टेशन के पास पहुंची, उसी दौरान एक अज्ञात हमलावर ने उन पर अचानक हमला बोल दिया।
पीड़ित के मुताबिक हमलावर ने धारदार हथियार से उनकी नाक काटने की कोशिश की और चेहरे व हाथ पर कई वार किए। हमले के दौरान उनके शरीर से काफी खून बहने लगा और ट्रेन के अंदर अफरा-तफरी मच गई।
आशुतोष ब्रह्मचारी ने बताया कि किसी तरह उन्होंने हमलावर से खुद को छुड़ाया और भागकर ट्रेन के टॉयलेट में पहुंच गए। वहां अंदर से दरवाजा बंद कर उन्होंने तुरंत जीआरपी (Government Railway Police) को फोन कर घटना की जानकारी दी।
साजिश का लगाया आरोप
हमले के बाद आशुतोष ब्रह्मचारी ने सीधे तौर पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद समेत कुछ अन्य लोगों पर साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि वह कोर्ट में कुछ अहम सबूत पेश करने की तैयारी कर रहे थे, जिससे आरोपियों को जमानत मिलने में मुश्किल हो सकती थी। इसी वजह से उन्हें डराने या रास्ते से हटाने के लिए यह हमला करवाया गया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोपों को बताया झूठा
दूसरी ओर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि यह पूरी घटना एक सोची-समझी साजिश और नाटक है। उन्होंने दावा किया कि आशुतोष महाराज मीडिया में सुर्खियां बटोरने और सुरक्षा हासिल करने के लिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर भी मचा हड़कंप
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी सनसनी फैल गई। “डॉ. स्वाति अघोरी” नाम के एक फेसबुक अकाउंट से इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है कि यह पोस्ट असली है या किसी ने अफवाह फैलाने के लिए डाली है।
पुलिस जांच में जुटी
फिलहाल जीआरपी ने पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ट्रेन के यात्रियों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर रही है, ताकि हमलावर की पहचान हो सके और यह पता लगाया जा सके कि इस हमले के पीछे असली साजिश क्या है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ पाएगी।
















