Patna। सोमवार को नाम वापसी की अंतिम तिथि समाप्त होने के साथ ही बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। सत्तारूढ़ गठबंधन National Democratic Alliance (एनडीए) अपने विधायकों को यह निर्देश देगा कि उन्हें मतदान के दौरान किस उम्मीदवार के पक्ष में प्रथम वरीयता का वोट देना है।
पांच सीटों के लिए छह उम्मीदवार
बिहार से राज्यसभा की पांच रिक्त सीटों के लिए कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें एनडीए के पांच और विपक्षी दल Rashtriya Janata Dal के एक उम्मीदवार शामिल हैं। ऐसे में मुकाबला मुख्य रूप से पांचवीं सीट को लेकर माना जा रहा है।
एक उम्मीदवार की जीत के लिए 41 विधायकों के प्रथम वरीयता वोट की आवश्यकता होगी। यदि राजद उम्मीदवार AD Singh को पूरे विपक्ष का समर्थन मिलता है, तो उनके पक्ष में 41 वोट हो सकते हैं। इनमें महागठबंधन के 35 विधायकों के अलावा All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen के 5 और Bahujan Samaj Party के 1 विधायक का समर्थन शामिल बताया जा रहा है।
एनडीए के पास 202 विधायक
वहीं एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं। इन वोटों को दो हिस्सों में बांटने की रणनीति बनाई जा रही है। चार उम्मीदवारों को 41-41 विधायक दिए जाएंगे, जिससे 164 वोट का बंटवारा हो जाएगा। शेष 38 वोट पांचवें उम्मीदवार को दिए जाएंगे। ऐसे में उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए तीन अतिरिक्त वोटों की आवश्यकता होगी।
सूत्रों के अनुसार एनडीए की ओर से Nitish Kumar, Nitin Nabin, Ramnath Thakur और Upendra Kushwaha को 41-41 विधायकों का आवंटन किया जा सकता है। वहीं 38 वोट Shivesh Ram के खाते में जाने की संभावना है।
पांचवीं सीट पर एनडीए का दावा मजबूत
हालांकि अंतिम फैसला सोमवार को ही लिया जाएगा। एनडीए का दावा है कि उसके पास पांच से अधिक अतिरिक्त वोट का समर्थन है। ऐसे में पांचवीं सीट पर भी एनडीए की जीत को लेकर गठबंधन के नेताओं का भरोसा मजबूत बताया जा रहा है।























