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पटना में जमीन कारोबार पर शिकंजा: दलालों पर सीधे FIR, निबंधन कार्यालय 24×7 CCTV निगरानी में

पटना। जमीन की खरीद-बिक्री में फर्जीवाड़ा और दलालों के दखल को खत्म करने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निबंधन और अंचल कार्यालयों में बढ़ते भ्रष्टाचार की शिकायतों के बाद अब बिचौलियों के खिलाफ सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए सभी कार्यालयों को 24 घंटे CCTV निगरानी में रखने का फैसला लिया गया है।

जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने राजस्व कार्यों को पारदर्शी व जवाबदेह बनाने के लिए यह कार्रवाई शुरू की है। शुक्रवार को आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में जबरन कब्जे और भू-माफिया की कई शिकायतें मिलने के बाद शनिवार को समीक्षा बैठक बुलाई गई।

दलालों-बिचौलियों की भूमिका बर्दाश्त नहीं

बैठक में सभी अंचल अधिकारियों, भूमि सुधार उप समाहर्ताओं और अनुमंडल पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि अंचल कार्यालयों में दलाल, बिचौलिए और मुंशियों की किसी भी प्रकार की भूमिका स्वीकार नहीं की जाएगी।

हर अंचल कार्यालय को एक दूरभाष नंबर जारी करने का निर्देश दिया गया है, ताकि आम लोग दलालों या अनियमितताओं की शिकायत सीधे दर्ज करा सकें।

हाई-एंड CCTV और नियमित निरीक्षण

सभी अंचल कार्यालयों में हाई-एंड CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। संदिग्ध गतिविधियों की पहचान कर संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

शहरी अंचलों में अनुमंडल पदाधिकारियों को विशेष निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। भू-माफिया की पहचान होने पर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा।

धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र में कार्रवाई

डीएम ने अपर समाहर्ता और अन्य वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित निरीक्षण करें और क्षेत्र भ्रमण के दौरान दलाल-मुंशी की पहचान कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराएं।

समयबद्ध निष्पादन पर जोर

डीएम ने कहा कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन, नापी और अतिक्रमण जैसे मामलों का समय पर निष्पादन नहीं होने से दलालों की भूमिका बढ़ती है। सभी अंचल कार्यालयों को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

राजस्व और जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भू-माफिया पर सख्त कार्रवाई

राजस्व पदाधिकारियों को भूमि विवादों के समाधान के लिए सूक्ष्म स्तर पर निगरानी, विस्तृत प्राथमिक सूचना संधारण और हिस्ट्री शीट तैयार करने का निर्देश दिया गया है। सरकारी जमीन का पूरा ब्योरा रखने और कल्याणकारी योजनाओं के लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी।

हाल ही में फुलवारीशरीफ अंचल क्षेत्र के परसा बाजार में एक भू-माफिया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

डीएम ने सभी एसडीओ और एसडीपीओ को भू, शराब और बालू माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि जमीन कारोबार में गड़बड़ी और बिचौलियों की भूमिका अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

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