बांका। जिले के रजौन थाना क्षेत्र में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान बालू माफियाओं ने खनन विभाग की टीम पर हमला कर दिया। रामपुर बालू घाट पर हुई इस घटना में एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि विभागीय वाहन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार सुबह जिला खनन विभाग की टीम अवैध बालू उत्खनन और परिवहन की शिकायतों के सत्यापन के लिए वृंदावन गांव के समीप स्थित रामपुर घाट पहुंची थी। टीम में खनन पदाधिकारी, खनन निरीक्षक और पुलिस बल के जवान शामिल थे। अधिकारियों द्वारा जांच और कार्रवाई शुरू किए जाने के कुछ ही देर बाद करीब 10 से 15 बाइक सवार बालू तस्कर मौके पर पहुंच गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तस्करों ने पहले सरकारी कार्रवाई का विरोध किया और फिर टीम को घेरने की कोशिश की। देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई और हमलावरों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। पथराव में खनन विभाग के जवान मनीष कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं विभागीय वाहन पर भी पत्थर बरसाए गए, जिससे उसका शीशा टूट गया।
हमले के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा में तैनात जवानों और अधिकारियों ने किसी तरह स्थिति को संभाला। घायल जवान को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
खनन विभाग के अधिकारियों ने घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि यह हमला केवल सरकारी टीम पर नहीं, बल्कि कानून और प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला है। अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों में दहशत फैलाने की भी कोशिश की।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कई संदिग्ध बालू तस्करों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर अवैध बालू कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क की ताकत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार कार्रवाई के बावजूद कुछ संगठित गिरोह अब भी सक्रिय हैं, जिसके कारण ऐसे हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं।
फिलहाल पुलिस विशेष अभियान चलाकर हमलावरों की तलाश में जुटी हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून को चुनौती देने वाले बालू माफियाओं के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी और पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया जाएगा।


















