राजस्व लक्ष्य में कमी पर तीन दिन में जवाब तलब, संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं तो विभागीय कार्रवाई
बिहार में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान जनवरी 2026 तक निर्धारित राजस्व लक्ष्य के मुकाबले अपेक्षित वसूली नहीं होने पर परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है।
विभागीय समीक्षा में पाया गया कि कई जिलों में लक्ष्य की तुलना में राजस्व संग्रहण में गंभीर शिथिलता बरती गई है। इसी के मद्देनज़र कुल 40 पदाधिकारियों—जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO), मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) एवं प्रवर्तन अवर निरीक्षक—को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
संबंधित अधिकारियों से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो प्रपत्र ‘क’ गठित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विभाग का स्पष्ट संदेश
परिवहन विभाग का कहना है कि निर्धारित राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति सुनिश्चित करना जिला स्तरीय पदाधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। लक्ष्य के विरुद्ध कम उपलब्धि प्रशासनिक शिथिलता को दर्शाती है।
साथ ही सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि विशेष अभियान चलाकर शेष अवधि में राजस्व संग्रहण में तेजी लाई जाए और लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए।
इन जिलों के अधिकारियों को नोटिस
जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO)
भागलपुर, छपरा, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, पटना, सीतामढ़ी, किशनगंज, अरवल, रोहतास, समस्तीपुर
अपर जिला परिवहन पदाधिकारी (ADTO)
किशनगंज, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, पटना, वैशाली, भोजपुर, सीवान, मोतिहारी
मोटर वाहन निरीक्षक (MVI)
मुजफ्फरपुर, बेतिया, नवादा, मोतिहारी, मधुबनी, सीतामढ़ी, पटना, गया
प्रवर्तन अवर निरीक्षक
भोजपुर, नवादा, मधेपुरा, लखीसराय, सुपौल, मधुबनी, बेतिया, बक्सर, मुजफ्फरपुर
परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट संकेत गया है कि राजस्व लक्ष्य में लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी।














