बजट सत्र के आखिरी दिन शुक्रवार को बिहार विधान सभा में उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव के एक जवाब पर सत्ता और विपक्ष के सदस्य भड़क उठे।
दरअसल, भाजपा के बड़हरा से विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह ने सदन में सवाल उठाया कि राज्य में बड़े पैमाने पर मकानों के ऊपर से बिजली के तार गुजर रहे हैं, जिससे हर साल कई अप्रिय घटनाएं होती हैं। उन्होंने ऐसे तारों को हटाने या सुरक्षित करने की मांग की।
मंत्री के जवाब से बढ़ा विवाद
इस पर ऊर्जा मंत्री विजेंद्र यादव ने कहा कि विभाग की इसमें कोई गलती नहीं है। जिन स्थानों पर मकानों के ऊपर से बिजली के तार गए हैं, वहां लोगों ने बाद में मकान बनाए हैं।
मंत्री के इस जवाब से विधायक राघवेन्द्र प्रताप सिंह सहित सत्ता और विपक्ष के कई सदस्य असंतुष्ट हो गए। सदस्यों ने कहा कि यह समस्या पूरे राज्य में व्यापक है और बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हर साल कई लोगों की जान जाती है।
सदन में एकजुट दिखे सदस्य
सदन में मौजूद सदस्यों ने एक स्वर में मांग की कि:
- पूरे राज्य में विशेष निरीक्षण अभियान चलाया जाए
- मकानों के ऊपर से गुजर रहे तारों को हटाया जाए
- जहां संभव न हो, वहां उन्हें सुरक्षित कवर कराया जाए
हंगामा बढ़ता देख स्पीकर प्रेम कुमार ने हस्तक्षेप किया और निर्देश दिया कि होली के बाद विभाग इस मामले की समीक्षा कर उचित समाधान निकाले।
SDRF विस्तार की जानकारी
इसी दौरान मंत्री विजय चौधरी ने सदन को बताया कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की स्थापना और कल्पना वर्तमान सरकार की सोच का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि:
- SDRF का मुख्यालय बिहटा में स्थापित किया गया है।
- जवानों को राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- सरकार की योजना है कि SDRF का विस्तार अनुमंडल स्तर तक किया जाए, ताकि आपात स्थितियों में त्वरित राहत पहुंचाई जा सके।
बजट सत्र के अंतिम दिन बिजली सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर हुई तीखी बहस ने सदन का माहौल गरमा दिया।
















