नक्सल मुक्त भारत की मुहिम के तहत छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में गुरुवार सुबह सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस कार्रवाई में दो नक्सली मारे गए हैं।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मुठभेड़ इंद्रावती नदी के किनारे घने जंगलों में हुई। सुरक्षाबलों की संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी, तभी घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों ओर से जमकर गोलीबारी हुई।
मुठभेड़ थमने के बाद घटनास्थल से वर्दी पहने दो नक्सलियों के शव बरामद किए गए। सुरक्षाबलों ने मौके से एक सेल्फ-लोडिंग राइफल (एसएलआर), एक इंसास राइफल और एक 12-बोर राइफल भी जब्त की है।
इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी
पुलिस के अनुसार, क्षेत्र में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है ताकि अन्य नक्सलियों की मौजूदगी की पुष्टि की जा सके और किसी भी संभावित खतरे को समाप्त किया जा सके।
2026 में अब तक 25 माओवादी ढेर
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक राज्य में अलग-अलग मुठभेड़ों में कम से कम 25 माओवादी मारे जा चुके हैं।
इससे पहले 3 जनवरी को बस्तर क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग मुठभेड़ों में 14 माओवादी ढेर किए गए थे। इन कार्रवाइयों में बीजापुर सहित सात जिले शामिल थे।
पिछले वर्ष 285 माओवादी मारे गए
आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 में छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों के साथ विभिन्न मुठभेड़ों में कुल 285 माओवादी मारे गए थे।
केंद्र की समय-सीमा
केंद्र सरकार ने देश से लेफ्ट-विंग एक्सट्रीमिज्म को पूरी तरह समाप्त करने के लिए इस वर्ष 31 मार्च तक की समय-सीमा तय की है। सरकार का दावा है कि लगातार चल रहे संयुक्त अभियानों से नक्सल गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा रहा है।














