जिले में प्रतिबंधित कफ सिरप की सप्लाई करने वाले मुख्य आरोपी मोहम्मद मुस्तफिकुर उर्फ़ सरफराज को बाईपास थाना पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। सरफराज पिछले पाँच माह से पुलिस की पकड़ से बचता आ रहा था। उसे सेंट टेरेसा स्कूल के सामने स्थित एक चाय दुकान से दबोचा गया, जहाँ वह अपने परिवार के साथ मौजूद था।
चार माह से लगातार निगरानी, पुलिस की सूझबूझ से गिरफ्तारी
बाईपास पुलिस के अनुसार, आरोपी पर काफी समय से निगरानी रखी जा रही थी। कई संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन वह हर बार पुलिस को चकमा देता रहा। सोमवार को विधि-व्यवस्था नवनीत कुमार को गुप्त सूचना मिली कि सरफराज अपने परिवार के साथ पुरैनी की ओर जा रहा है।
सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष प्रभात कुमार शर्मा के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई और इलाके में घेराबंदी की गई। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरफराज को चाय दुकान से गिरफ्तार कर लिया।
जून में बरामद हुआ था भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप
मामले की शुरुआत जून माह में हुई थी, जब दोगच्छी निवासी मोहम्मद हाशिम के घर पुलिस ने छापेमारी कर भारी मात्रा में प्रतिबंधित कफ सिरप बरामद किया था। मौके से गिरफ्तार हाशिम ने पूछताछ में खुलासा किया था कि यह कफ सिरप पुरैनी निवासी सरफराज सप्लाई करता था, जो दवा की आड़ में छिपाकर माल उसकी दुकान तक पहुंचाता था।
हाशिम के बयान के बाद ही पुलिस सरफराज की तलाश में जुटी थी और वह तभी से फरार चल रहा था।
जांच तेज, नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही
थाना अध्यक्ष प्रभात कुमार शर्मा ने कहा कि सरफराज को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रतिबंधित कफ सिरप सप्लाई करने वाले पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है और इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश तेज कर दी गई है।
अवैध कारोबार पर लग सकता है बड़ा अंकुश
पुलिस का मानना है कि सरफराज इस नेटवर्क का महत्वपूर्ण सदस्य था। उसकी गिरफ्तारी से इस अवैध और खतरनाक दवा कारोबार पर बड़ा अंकुश लगने की संभावना है।
कफ सिरप की अवैध सप्लाई जिले में लगातार बढ़ती समस्या रही है, और पुलिस की यह कार्रवाई इस दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।














