केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लोन स्वीकृत कराने के नाम पर रिश्वत लेने के आरोप में एक रिकवरी एजेंट को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी को शिकायतकर्ता से 45 हजार रुपये की घूस लेते समय पकड़ा गया। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में की गई।
जानकारी के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा की कछौना शाखा से जुड़े रिकवरी एजेंट सुरेश चौधरी को CBI की एंटी करप्शन ब्रांच ने गिरफ्तार किया है।
सीबीआई को यह शिकायत हरदोई जिले की निवासी सीमा देवी ने दी थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 5 लाख रुपये के ऋण के लिए आवेदन किया था। आरोप है कि लोन स्वीकृत कराने और खाते से राशि निकालने की अनुमति देने के लिए बैंक शाखा प्रबंधक की ओर से 45 हजार रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी।
बताया गया कि यह रकम रिकवरी एजेंट सुरेश चौधरी के माध्यम से ली जानी थी। शिकायत मिलने के बाद CBI ने मामले की प्रारंभिक जांच की और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाया।
तय योजना के तहत शिकायतकर्ता को एजेंट को रिश्वत देने के लिए कहा गया। जैसे ही सुरेश चौधरी ने 45 हजार रुपये लिए, मौके पर पहले से मौजूद CBI टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद CBI आरोपी से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों के अनुसार मामले में बैंक अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसी तरह से अन्य लोगों से भी रिश्वत तो नहीं ली गई।
सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच जारी है। जरूरत पड़ने पर आय से अधिक संपत्ति के पहलू की भी जांच की जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।















