बोधगया स्थित गया इंटरनेशनल एयरपोर्ट उस वक्त सनसनीखेज खुलासे का गवाह बना, जब राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) ने अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ तस्करी के एक बड़े रैकेट पर करारी चोट की। थाई एयरवेज की फ्लाइट से बैंकॉक से गया पहुंचे एक यात्री के बैग से करीब 17 किलोग्राम विदेशी हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 17 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
यह कार्रवाई गया एयरपोर्ट के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स बरामदगी मानी जा रही है। DRI को पहले से पुख्ता खुफिया इनपुट मिला था। जैसे ही संदिग्ध यात्री एयरपोर्ट पर उतरा, उस पर पैनी नजर रखी गई। तलाशी के दौरान बैग खुलते ही नशे का बड़ा जखीरा सामने आ गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान महाराष्ट्र निवासी आकाश श्रीचंद सोहांडा के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, बरामद गांजा सामान्य नहीं बल्कि अत्याधुनिक तकनीक से उगाया गया हाइड्रोपोनिक वीड है, जिसकी कीमत आम गांजे से कई गुना अधिक होती है और जिसकी तस्करी आमतौर पर संगठित अंतरराष्ट्रीय गिरोह करते हैं।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद एक और विवाद सामने आया है। गया एयरपोर्ट प्रशासन और DRI के बीच सूचना साझा करने को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हैं। गया एयरपोर्ट के निदेशक अवधेश कुमार ने बताया कि पटना से आई DRI टीम ने बिना पूर्व सूचना दिए कार्रवाई की। उनका कहना है कि उन्हें अनौपचारिक रूप से करीब 8 किलो गांजा पकड़े जाने की जानकारी दी गई, जबकि मीडिया में 17 किलो बरामदगी की खबरें चल रही हैं। आधिकारिक सूचना के अभाव में उन्हें उच्च अधिकारियों को जवाब देने में परेशानी हो रही है।
वहीं, राजस्व खुफिया निदेशालय का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई अत्यंत गोपनीय रखी गई थी, ताकि ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग सतर्क न हो सकें। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि गिरफ्तार आरोपी केवल एक कूरियर है और इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट सक्रिय है।
फिलहाल आरोपी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। यह पता लगाने की कोशिश हो रही है कि यह नशीला पदार्थ किसे सप्लाई होना था और इस तस्करी रूट में और कौन-कौन शामिल हैं। DRI ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।
















