बिहार में ट्रेन को पटरी से उतारने की बड़ी साजिश की आशंका जताई जा रही है। झंझारपुर–निर्मली रेलखंड पर तमुरिया रेलवे स्टेशन के पास शनिवार रात दरभंगा–फारबिसगंज मेमू ट्रेन को डिरेल करने की कोशिश की गई। समय रहते लोको पायलट की नजर पड़ने से बड़ा हादसा टल गया।
ट्रैक पर मिला साढ़े तीन मीटर लंबा लोहे का टुकड़ा
जानकारी के अनुसार रेलवे ट्रैक पर करीब साढ़े तीन मीटर लंबा लोहे का अवरोधक (रेल पटरी का टुकड़ा) रखा मिला। आशंका है कि इसे जानबूझकर ट्रैक पर रखकर ट्रेन को पलटाने की साजिश रची गई थी। यदि ट्रेन उस अवरोधक से टकरा जाती, तो बड़ा हादसा हो सकता था।
शनिवार रात जब दरभंगा–फारबिसगंज मेमू ट्रेन तमुरिया स्टेशन की ओर बढ़ रही थी, तभी लोको पायलट की नजर पटरी के बीच रखे लोहे के टुकड़े पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया, जिससे ट्रेन टकराने से कुछ ही दूरी पहले रुक गई। बाद में रेलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद अवरोधक को हटाया।
विशेष टीम गठित, कई एजेंसियां जांच में जुटीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआरएम द्वारा गठित विशेष टीम, इंटेलिजेंस विभाग और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने रविवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। साजिश की तह तक पहुंचने के लिए आधा दर्जन टीमें बनाई गई हैं।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) समस्तीपुर मंडल के सहायक सुरक्षा आयुक्त राकेश कुमार सिंह ने स्टेशन अधीक्षक, मेमू ट्रेन के ड्राइवर, गार्ड और लाइनमैन के बयान दर्ज किए। जांच टीम ने लोहे के टुकड़े का वजन, बनावट और उसे वहां तक लाने के संभावित रास्तों की भी जांच की।
दो संदिग्ध हिरासत में
पुलिस ने सोमवार शाम तमुरिया के लालू कुमार और पवन कुमार को हिरासत में लिया है। दोनों से स्टेशन के एक बंद कमरे में पूछताछ की जा रही है।
सरकारी रेलवे पुलिस (GRP) और आरपीएफ की संयुक्त टीमें आसपास के गांवों में भी छानबीन कर रही हैं। स्थानीय ताड़ीखानों, गलियों और चौक-चौराहों पर सक्रिय असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
आरपीएफ प्रभारी अरविंद कुमार ने बताया कि जांच सही दिशा में बढ़ रही है और जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं समस्तीपुर मंडल के आरपीएफ कमांडेंट आशीष कुमार ने कहा कि दरभंगा रेल थाने में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
बढ़ाई गई निगरानी
फिलहाल रेलखंड पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है और निगरानी बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का मानना है कि लोको पायलट की सतर्कता ने सैकड़ों यात्रियों की जान बचा ली।

















