बिहार में रमजान के पाक महीने के बीच एक कथित सर्कुलर ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। दावा किया जा रहा है कि मधुबनी मेडिकल कॉलेज की ओर से जारी एक पत्र में लड़का-लड़की के साथ खड़े होने पर पाबंदी लगाई गई है।
वायरल पत्र में कथित तौर पर लिखा है कि रमजान के दौरान कोई भी कपल एक साथ खड़ा नजर नहीं आए। यदि ऐसा पाया गया तो उनका तुरंत निकाह करा दिया जाएगा, और वलीमा की जिम्मेदारी भी संबंधित कपल की होगी।
वलीमा क्या होता है?
वलीमा इस्लाम में निकाह के बाद दूल्हे के परिवार द्वारा आयोजित की जाने वाली विशेष दावत या रिसेप्शन होता है, जो वैवाहिक बंधन की सार्वजनिक घोषणा और खुशी का प्रतीक माना जाता है।
पत्र में क्या-क्या दावा?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस पत्र में कॉलेज के लेटर पैड, प्रिंसिपल के हस्ताक्षर, मुहर और रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, अब तक इस सर्कुलर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
सियासी और सामाजिक प्रतिक्रिया
यह सर्कुलर जैसे ही वायरल हुआ, सियासी गलियारों से लेकर आम लोगों तक में बहस शुरू हो गई।
- विरोधी दल इसे शिक्षा संस्थानों में बढ़ती “नैतिक पहरेदारी” से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।
- वहीं समर्थक इसे सोशल मीडिया की अफवाह बताते हुए संयम बरतने की अपील कर रहे हैं।
सच या अफवाह?
फिलहाल कॉलेज प्रशासन या छात्र-छात्राओं की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। जब तक संबंधित संस्थान की ओर से स्पष्ट पुष्टि या खंडन नहीं होता, यह मामला सस्पेंस और संवेदनशीलता के बीच बना हुआ है।
स्पष्ट है कि बिना आधिकारिक पुष्टि के किसी भी वायरल दस्तावेज़ को सच मान लेना जल्दबाजी होगी।

















