पटना/कोलकाता।
बिहार के स्वास्थ्य व विधि मंत्री तथा पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रभारी मंगल पांडेय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आगामी चुनावों में संभावित हार की आशंका से ममता बनर्जी पूरी तरह बौखलाई हुई हैं, इसीलिए वह निर्वाचन आयोग द्वारा राज्य में कराए जा रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का खुलकर विरोध कर रही हैं।
मंगल पांडेय ने कहा कि यही ममता बनर्जी तब घुसपैठियों को बाहर निकालने की मांग करती थीं जब पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चा सत्ता में था। लेकिन अब वर्षों से वही घुसपैठियों की “सबसे बड़ी संरक्षक” बन बैठी हैं।
“ममता की राजनीति से हिंदू विरोधी और चार साल से मुस्लिमपरस्ती का चेहरा उजागर”
भाजपा नेता ने कहा कि मुर्शिदाबाद की हालिया घटना ने यह साफ कर दिया है कि ममता सरकार न केवल हिंदू विरोधी नीति पर चल रही है, बल्कि मुस्लिम तुष्टिकरण की राजनीति भी चरम पर है।
उन्होंने आरोप लगाया—
“ममता बनर्जी ‘मिट्टी-मानुष’ की बात करती हैं, लेकिन वोट के लिए देश की एकता और सुरक्षा को दांव पर लगाने में उन्हें जरा भी परहेज नहीं है। वह घुसपैठियों के पक्ष में खड़ी होकर एसआईआर के विरोध को हथियार बना देश में अराजकता फैलाना चाहती हैं।”
चुनाव आयोग पर टिप्पणी को बताया खतरनाक एजेंडा
मंगल पांडेय ने आगे कहा कि उत्तर 24 परगना के बनगाँव में ममता बनर्जी ने जिस तरह निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया को लेकर रैली में बयान दिया, उससे स्पष्ट है कि उनका एक ही उद्देश्य है—
केंद्र सरकार का विरोध
चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा करना
और भाजपा पर निशाना साधकर राज्य में अराजकता फैलाना
उन्होंने कहा कि आयोग की वही प्रक्रिया बिहार में भी पूरी की गई थी लेकिन वहां कोई आपत्ति नहीं हुई। इससे स्पष्ट होता है कि ममता बनर्जी की परेशानी आगामी चुनाव और वोट बैंक की राजनीति को लेकर है।


















