मोतिहारी। बिहार के मोतिहारी में जहरीली स्प्रिट से हुई 10 लोगों की दर्दनाक मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस सनसनीखेज़ कांड के मास्टरमाइंड लवकुश यादव को एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद इस पूरे काले कारोबार की परतें अब एक-एक कर खुलने लगी हैं।
जांच के दौरान आरोपी ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि जहरीली स्प्रिट की खेप उसने Ghaziabad की एक कंपनी से मंगवाई थी। यह खतरनाक माल Gorakhpur के रास्ते बिहार पहुंचा, जहां इसे अवैध रूप से बेचा गया।
पुलिस के मुताबिक, लवकुश यादव ने बड़ी मात्रा में स्प्रिट मंगवाकर इसे कन्हैया यादव को सप्लाई किया। इसके बाद यही जहरीली स्प्रिट शराब के रूप में लोगों तक पहुंची और देखते ही देखते 10 जिंदगियां खत्म हो गईं। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है।
एसआईटी अब लवकुश की निशानदेही पर दिल्ली और उत्तर प्रदेश के कई ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसियों को शक है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा और संगठित नेटवर्क सक्रिय है, जिसमें कई और लोग शामिल हो सकते हैं।
सूत्रों की मानें तो यदि पुलिस और उत्पाद विभाग समय रहते इस जहरीली स्प्रिट की खेप को पकड़ नहीं पाते, तो यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था। कई और लोगों की जान जा सकती थी।
यह पूरा मामला एक बार फिर राज्य में अवैध शराब के धंधे और सिस्टम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक ऐसे मौत के सौदागर खुलेआम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करते रहेंगे और कब तक व्यवस्था उनकी अनदेखी करती रहेगी—यह सवाल अब आम जनता के बीच गूंज रहा है।















