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1 अप्रैल से लागू होंगे नए लेबर कोड, सैलरी, PF और काम के नियमों में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। देश के करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों के लिए 1 अप्रैल 2026 से बड़ा बदलाव होने जा रहा है। केंद्र सरकार ने पुराने 29 श्रम कानूनों को समाप्त कर 4 नए लेबर कोड लागू कर दिए हैं, जो कर्मचारियों की सैलरी, पीएफ, पेंशन, काम के घंटे और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े नियमों को पूरी तरह बदल देंगे। नवंबर 2025 में नोटिफाई किए गए ये कोड अब धीरे-धीरे कंपनियों में लागू होने लगे हैं।

48 घंटे साप्ताहिक काम की सीमा तय

नए नियमों के तहत कर्मचारियों के लिए सप्ताह में अधिकतम 48 घंटे काम तय किया गया है। आमतौर पर एक दिन में 8 घंटे काम का आधार रखा गया है। हालांकि कंपनियां जरूरत के हिसाब से 4 दिन काम और 3 दिन छुट्टी जैसे मॉडल भी अपना सकती हैं, लेकिन कुल काम के घंटे 48 से ज्यादा नहीं होंगे।

ओवरटाइम पर मिलेगा दोगुना वेतन

मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, लॉजिस्टिक्स और आईटी सेक्टर के कर्मचारियों के लिए ओवरटाइम करने पर दोगुना वेतन देने का प्रावधान किया गया है। इससे अतिरिक्त काम करने वाले कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा।

सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव

नए लेबर कोड के तहत बेसिक सैलरी को कुल CTC का कम से कम 50% रखना अनिवार्य होगा। इसका सीधा असर यह होगा कि कर्मचारियों का PF योगदान बढ़ेगा, लेकिन हाथ में मिलने वाली सैलरी (टेक होम) कम हो सकती है। इससे कंपनियों की टैक्स बचाने की पुरानी रणनीतियों पर भी रोक लगेगी।

PF, पेंशन और गिग वर्कर्स को बड़ा फायदा

पहली बार गिग वर्कर्स (जैसे ऐप आधारित कर्मचारी) को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया गया है। उन्हें PF, बीमा और पेंशन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए एग्रीगेटर कंपनियों को अपने टर्नओवर का 1-2% योगदान देना होगा, जो अधिकतम 5% तक सीमित रहेगा।

ग्रेच्युटी के नियम आसान

नए नियमों के तहत अब सिर्फ 1 साल की नौकरी पूरी करने पर भी ग्रेच्युटी का लाभ मिलेगा। यह सुविधा फिक्स्ड टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों पर भी लागू होगी, जिससे अस्थायी कर्मचारियों को बड़ा फायदा मिलेगा।

हर कर्मचारी को मिलेगा नियुक्ति पत्र

नए कानून के तहत हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही समय पर वेतन भुगतान और न्यूनतम वेतन की गारंटी भी सुनिश्चित की गई है।

महिलाओं और ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को बराबरी

नए लेबर कोड में महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी गई है, बशर्ते उनकी सहमति और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम हों। इसके अलावा समान वेतन और सम्मान की गारंटी भी दी गई है। ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को भी समान अधिकार दिए गए हैं।

क्या बदलेगा कर्मचारियों के लिए?

1 अप्रैल 2026 से लागू हो रहे ये नए नियम कर्मचारियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाले हैं। जहां एक ओर सामाजिक सुरक्षा और अधिकार मजबूत होंगे, वहीं सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव के कारण टेक होम सैलरी पर असर पड़ सकता है।

कुल मिलाकर, यह बदलाव निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों के कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो भविष्य में कार्य संस्कृति और रोजगार के स्वरूप को नई दिशा देगा।

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